बदायूं। गुप्ता दंपती हत्याकांड में सीबीआई ने तीन साल पहले आत्महत्या कर चुके उदय प्रकाश की पत्नी को ही उसके खिलाफ गवाह बना दिया है। सूत्रों का कहना है कि परिवारवालों को भी गवाह बनाने की कोशिश की गई लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए। यहां बता दें कि इस मामले में सीबीआई की शक की सुई उदय प्रकाश पर है। यहां बता दें कि इस संबंध में सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
सन 2015 में कटरा ब्राहमपुर मोहल्ले के रिटायर्ड इंजीनियर ब्रजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी शन्नो गुप्ता की उनके ही घर में हत्या कर दी गई थी। जांच कर रही सीबीआई ने साल 2017 में मोहल्ले के कई लोगों के ब्लड सैंपल लिए थे। उनमें उदय प्रकाश और उनके परिवार वालों के भी ब्लड सैंपल शामिल थे। इसी दौरान साल 2018 में पारिवारिक कलह के चलते उदय प्रकाश ने फंदे से लटककर जान दे दी। इसके कुछ दिन बाद उनकी पत्नी घर छोड़कर ायके चली गई। बाद में उसने दूसरे व्यक्ति से शादी कर ली। तब से वह लौटकर बदायूं नहीं आई। इधर, दो साल तक सीबीआई ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि उदय प्रकाश का दंपती की हत्या में हाथ था। करीब एक माह पहले सीबीआई ने उदय प्रकाश के घर से कुछ पुरानी वस्तुओं को बरामद किया। उनमें दो पुराने कपड़े, छत पर पड़ा एक पुराना चाकू, कुछ फोटो और कुछ कागजात थे। इस दौरान यह संकेत मिलने लगे कि सीबीआई उदय प्रकाश को ही आरोपी मान रही है। अब सीबीआई ने उदय प्रकाश के खिलाफ उसकी पत्नी को ही खड़ा कर दिया है। उसे गवाह बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि उदय प्रकाश के खिलाफ उसके परिवारवालों को भी गवाह बनाने की कोशिश की गई लेकिन वे तैयार नहीं हुए।
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जब लूट ही नहीं तो लूट का इरादा कैसा
गुप्ता दंपती हत्याकांड की जांच की शुरुआत में लूटपाट की पुष्टि नहीं हुई थी। जिस समय दंपती की हत्या हुई तब वह सोने की अंगूठी और चेन पहने थे। इनमें से कोई सामान नहीं लूटा गया था। अब सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की जांच में अब लूटपाट की कोशिश में हत्या बात बताई जा रही है।
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आला कत्ल पर उठ चुके हैं सवाल
दोहरे हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर पुलिस की जांच तक आला कत्ल के रूप में पेचकस सामने आया था। साल 2019 और 20 तक आला कत्ल पेचकस ही बताया गया लेकिन एक माह पहले सीबीआई की जांच में आला कत्ल पेचकस के स्थान पर चाकू हो गया। संवाद