बदायूं। साढ़े छह साल पुराने मामले में जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव नानाखेड़ा निवासी मनीष गुप्ता ने 22 दिसंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक मनीष की मां उर्मिला देवी गांव की प्रधान चुनी गई थी जबकि दीन मोहम्मद की पत्नी फरमीदा चुनाव हार गई थी। तभी से दीन मोहम्मद, भूरा, राकेश शर्मा उससे रंजिश मान रहे थे। घटना वाले दिन मनीष अपने पिता कैलाश चंद्र के साथ बाइक पर जा रहा था। रास्ते में तीनों लोगों ने जान से मारने की नीयत से फायर किया जो पिता कैलाश चंद्र को लगा। पुलिस ने तीनों के खिलाफ विवेचना कर चार्जशीट लगाई।
जिला सत्र न्यायाधीश जफीर अहमद ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से डीजीसी फौजदारी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने दीन मोहम्मद, भूरा और राकेश शर्मा को जानलेवा हमले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने तीनों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। संवाद