बदायूं। आठ साल पुराने किशोरी को फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय सुबोध कुमार वार्ष्णेय ने नामजद को मुजरिम ठहराते हुए 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 156 (3) सीआरपीसी का प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। प्रार्थना पत्र के मुताबिक वादी की नाबालिग पुत्री को थाना धनारी क्षेत्र जिला संभल निवासी मेहंदी हसन फुसलाकर ले गया था। घटना के समय वादी व उसके परिजन घर पर नहीं थे। कोर्ट के आदेश पर थाना पुलिस ने मेहंदी हसन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। स्पेशल जज सुबोध कुमार वार्ष्णेय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सीपी सिंह, प्रदीप भारती और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नामजद मेहंदी हसन को नाबालिग को फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने मेहंदी हसन को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है। संवाद