बदायूं। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अवैध टैक्सी, बस और टेंपो स्टैंडों के साथ डग्गामारी पर रोक के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए, लेकिन इनका ज्यादा असर नहीं दिखा। दो-तीन दिन तक डग्गामारी में कुछ कमी रही और अवैध स्टैंडों पर सन्नाटा दिखा, पर अब एक बार फिर से सब पुराने ढर्रे पर आ गया है।
रोडवेज बस स्टैंड के पास से फिर डग्गामारी होने लगी है। बसों से लेकर ऑटो और टैक्सी तक यहां से भरी जा रही हैं। रोडवेज के आसपास अवैध स्टैंड भी फिर आबाद हो रहे हैं। अपर मुख्य सचिव ने 30 अप्रैल तक अवैध स्टैंड पूरी तरह से बंद कराने के साथ रिपोर्ट मांगी थी। उस समय दो-चार दिन असर भी दिखा था। इसके बाद 18 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया और 48 घंटे के भीतर डग्गामारी के साथ अवैध स्टैंड बंद कराने का आदेश दिया। अगले दिन पुलिस-प्रशासन ने औपचारिकता के लिए कार्रवाई भी की, लेकिन अब सब पुराने ढर्रे पर दिख रहा है।
आंबेडकर पार्क, वाटरवर्क्स, भामाशाह चौराहा, इंदिरा चौक, गोपाल टाकीज आदि स्थानों पर डग्गामार वाहनों को भरते हुए रोजाना देखा जा सकता है। शनिवार को भी रोडवेज बस स्टैंड के सामने से डग्गामार वाहनों को भरा गया।
दरअसल, जिले में डग्गामारी कराने वाले लोगों की जड़ें काफी गहरी हैं। इसी का नतीजा है कि बदायूं से दिल्ली समेत अन्य राज्यों तक अवैध रूप से निजी बसों तक का संचालन हो रहा है। रोडवेज के जैसी दिखने वाली बसों का भी संचालन होता है। शिकायतों के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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पुरानी जगहों से हटाए, नए स्थानों पर बनाए
अवैध स्टैंड हटाने के मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अधिकारियों पर उतना असर होता नहीं दिख रहा है। औपचारिकता के लिए कार्रवाई की तो जरूर जा रही है लेकिन उसका असर दिखाई नहीं दे रहा। पुराने स्टैंडों पर से वाहन हटाकर इनके चालकों ने दूसरे ठिकाने ढूंढ लिए हैं। दिनेश चौक से लावेला चौक तक जाने वाले रास्ते पर गांधीग्राउंड की दीवार के सहारे जहां स्टैंड शुरू कर दिया गया है तो वहीं पनबड़िया पुलिया के किनारे पर वाहन खड़े होने लगे हैं।
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रोडवेज बस स्टैंड के पास से डग्गामारी के कारण डिपो को राजस्व की हानि हो होती है। इस संबंध में कई बार पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा जा चुका है, लेकिन रोडवेज के पास से डग्गामारी नहीं रुकती। निजी बसों के साथ छोटे वाहनों में भी रोडवेज के पास से सवारियां बैठाई जा रही हैं।
-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं