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अफसर मस्त, जनता त्रस्त, अस्पताल से विकास भवन तक अव्यवस्था

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विकास भवन में समाज कल्याण कार्यालय पहुंचीं महिलाएं अफसरों का कर रहीं इंतजार। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। आंबेडकर जयंती, महावीर जयंती, गुड फ्राइडे, हनुमान जन्मोत्सव पर अवकाश और फिर रविवार के बाद सोमवार को सरकारी कार्यालय खुले तो हर ओर अव्यवस्था नजर आईं। जिला अस्पताल में मरीज तो सरकारी कार्यालयों में फरियादी भटकते दिखे। जिला अस्पताल से लेकर विकास भवन तक लोग परेशान दिखे। अफसरों के कार्यालय खाली रहे, अधीनस्थ भी काम पर नहीं दिखे। विकास भवन में सबसे ज्यादा समस्या समाज कल्याण विभाग में दिखी। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोगियों की लाइन लगी रही। डॉक्टरों की बात दूर, यहां पूछताछ काउंटर पर भी कोई कर्मचारी नजर नहीं आया।
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सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में आम दिनों से ज्यादा रोगी पहुंचे। डॉक्टरों के अपने केबिन से नदारद होने के कारण रोगी भटकते दिखे। गंभीर रोगी ओपीडी में यहां-वहां जमीन और बेंच पर लेटे दिखे, जिम्मेदार पूरी तरह से बेपरवाह नजर आए। ओपीडी में सुबह से दोपहर तक लाइन लगी रहीं। एक्स-रे विभाग, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी में भी कतारें दिखीं।
सीएमएस डॉ. विजय बहादुर सिंह ने ओपीडी का जायजा लेना जरूरी नहीं समझा। जिला अस्पताल और विकास भवन के साथ बैंकों में भीड़ रही। विकास भवन में पीएनबी के एटीएम पर दिन भर भीड़ रही। कैश खत्म होने से यहां आए लोग परेशान हुए।
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विकास भवन में विधवा, वृद्धावस्था, दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदक भटकते नजर आए। समाज कल्याण अधिकारी का कार्यालय खाली पड़ा रहा। विकास भवन में अन्य अधिकारियों के कार्यालय भी खाली रहे। इनके अधीनस्थ भी नजर नहीं आए। एक अधिकारी के स्टेनो ने अधिकारी के स्वास्थ्य मेले में व्यस्त होने का बहाना बनाया। दूरदराज गांवों से आईं महिलाओं को सबसे ज्यादा समस्या रही।
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समाज कल्याण विभाग का खेल, मजबूरों का निकाल रहा तेल
विधवा, दिव्यांग और विधवाओं को समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों से लेकर जिम्मेदार अधिकारी तक परेशान कर रहे हैं। विकास भवन में जगत की मुन्नी देवी, नरऊ की मोरश्री, शेखूपुरा के अंतराम जिला अस्पताल में विजय नगर की शकुंतला से बात करने पर उन्होंने समस्या बताई। मुन्नी देवी और मोरश्री ने बताया कि विधवा पेंशन के लिए वे भटक रही हैं। दिव्यांग अंतराम का कहना है कि उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। 1500 रुपये दे चुके हैं। विकास भवन के बाहर एक दुकान पर उनको भेज दिया जाता है।
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कलक्ट्रेट में कौन अधिकारी मौजूदा था और कौन नदारद था, इसके बारे में एडीएम से जानकारी ली जाएगी। विकास भवन के अधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस में गए थे। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता से होगा, लोगों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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- ऋषिराज, प्रभारी डीएम, बदायूं

जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर बैठे रोगी। संवाद- फोटो : BADAUN

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