बदायूं। कई दिन चली जद्दोजहद के बाद सोमवार को रुहेलखंड के मिनी कुंभ ककोड़ा मेले के आयोजन को लेकर स्थिति साफ हो गई। जिला पंचायत के अफसरों की हीलाहवाली की शिकायत लखनऊ तक करके लौटे डेंगू पीड़ित नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता ने दूसरे जनप्रतिनिधियों के साथ कई किमी पैदल चलकर मेले को जगह खोज ली। उनका गुस्सा देखकर मौके पर ही अफसरों ने मेला स्थल चयन की औपचारिकता पूरी कर लीं। मंगलवार से यहां सड़कें बनाने का काम चालू हो जाएगा। कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान 19 नवंबर को होना है। इससे पहले 12 नवंबर को झंडी और गंगा पूजन होगा।
ककोड़ा मेले से लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुईं हैं। शासन से मेला आयोजन की अनुमति मिलने के बाद भी प्रशासन और जिला पंचायत प्रशासन मेला आयोजन में आनाकानी कर रहा था। मेले की लगातार मांग के बीच डीएम दीपा रंजन ने मेला स्थल निरीक्षण के लिए टीम का गठन भी किया था। 26 अक्तूबर को टीम ने मेला स्थल का निरीक्षण किया, लेकिन रिपोर्ट प्रतिकूल दी। इसके बाद आयोजन की मांग और भी तेज हो गई। कुर्मी समाज के युवाओं ने डीएम से लेकर मंडलायुक्त तक को ज्ञापन दिए। दवाब बनने पर जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव और डीएम दीपा रंजन ने मेला स्थल का निरीक्षण किया, लेकिन इसके बाद भी जिला पंचायत के अफसरों की टालमटोल से स्थिति साफ नहीं हो सकी।
धार्मिक और जनभावनाओं को देखते हुए शनिवार को नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता के साथ शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पंचायजीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह से लखनऊ में मुलाकात की। शासन से सख्ती के बाद भी अफसरों का रुख न बदला। कहा गया कि मेले तक जाने को मार्ग ही नहीं है। डेंगू पीड़ित होने के बाद से विश्राम कर रहे नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता सोमवार शाम शेखूपुर विधायक धर्मेद्र शाक्य, एडीएम प्रशासन संतोष कुमार वैश्य, एसडीएम सदर सुखलाल वर्मा, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, एमएए सत्यपाल के साथ मेला स्थल देखने पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह भी यहां पहुंचे। कई किमी पैदल चलकर इन लोगों ने मेला लगाने को पर्याप्त स्थान देख लिया। अफसर भी इससे सहमत हो गए। अभियंताओं ने तकनीकी निरीक्षण करने के बाद इसे ओके कर दिया। काफी संख्या में ग्रामीण भी पहुंच गए। सड़क बनाने के लिए झंडी लगाने का काम चालू कर दिया गया है। मंगलवार से सड़कें बनाने का काम शुरू हो जाएगा। राज्यमंत्री और विधायक को भी की गुमराह करने की कोशिश
जिला पंचायत के अधिकारियों ने मेला स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता, जिपं अध्यक्ष वर्षा यादव और शेखूपुर विधायक को भी गुमराह करने की कोशिश की। इनको ऐसे स्थान पर ले जाया गया जहां जमीन समतल नहीं थी और पानी भी भरा था। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने राज्यमंत्री को सही बात बताई। राज्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ पैदल भ्रमण किया तो मेला के लिए उपयुक्त काफी जमीन मिल गई। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को मेला आयोजन का निर्देश दिया।
जिला पंचायत की ओर से मेला आयोजन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। मेला का आयोजन पूरी भव्यता के साथ किया जाएगा। मेला आयोजन के लिए काम शुरू कर दिया गया है। मेला आयोजन के लिए शासन स्तर से अनुमति मिलने में देरी के कारण कुछ समस्या उत्पन्न हुई थी। स्थानीय लोगों को वहां के भूगोल के बारे में ज्यादा जानकारी होती है। स्थानीय नरेश कश्यप समेत अन्य लोगों के साथ सोमवार को निरीक्षण के दौरान उपयुक्त स्थान मिल गया है। मेला आयोजन को लेकर अगर जिला पंचायत स्तर पर किसी ने लापरवाही की है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-वर्षा यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत