बदायूं। पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 38 सेमी कम हुआ है। हालांकि, अभी गंगा खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर बह रही हैं। उधर, शुक्रवार को नरौरा बैराज से गंगा में 68 क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। जलस्तर कम होने के साथ कटान तेज हो गया है। शुक्रवार को एक्सईएन बाढ़ खंड उमेश चंद्र ने संवेदनशील उसहैत तटबंध का जायजा लिया।
पिछले कई दिन से गंगा में नरौरा बैराज से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी आने के कारण गंगा उफान पर थीं। कछला में मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 सेमी है। खतरे के निशान से गंगा 66 सेमी तक ऊपर पहुंच गई थीं। बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 162.580 सेमी दर्ज किया गया था। शुक्रवार को यह 162.200 पर पहुंच गया है। शुक्रवार के मुकाबले जलस्तर में 38 सेमी की कमी आई है। अब भी गंगा के तटवर्ती गांवों में कटान हो रहा है। सहसवान के गांव कोतल नगला, तेलिया नगला, तोफीनगला, आसे नगला में भी गंगा ने कटान तेज कर दिया। खिरकवारी, मानपुर पुख्ता भी गंगा के निशान पर आ गए। उसहैत के प्रेमी नगला, जटा, ठकुरी नगला, कमलैयापुर, जसवंत नगला, अहमद नगर बछौरा, कदमनगला, दलनगला और रहपुरा में बाढ़ का पानी घुस गया है। अहमदनगर बछौरा, जसवंत नगला समेत कई गांवों में गंगा ने कटान भी तेज कर दिया।
जोरी नगला, उसहैत और गंगा-महावा तटबंधों पर गंगा ने कटान तेज कर दिया है। अब तक सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। शुक्रवार को एक्सईएन उमेश चंद्र ने सहायक अभियंता नेशपाल सिंह के साथ उसहैत तटबंध का जायजा लिया। यहां कटान रोकने के लिए किए जा रहे उपायों को देखा और जरूरी निर्देश दिए।
गंगा का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। शुक्रवार को नरौरा बैराज से 68 क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। कटान रोकने के सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं। खतरे जैसी कोई बात नहीं है। - उमेश चंद्र, एक्सईएन बाढ़ खंड