फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईवे से जुड़ी सड़कों के मोड़ पर होने वाले हादसों पर अब लगेगा अंकुश

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। हाईवे से जुड़ी सड़कों के तिराहे पर होने वाले हादसों पर अब अंकुश लगेगा। हादसे से बचाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने एक पहल शुरू की है। इसके तहत हाईवे के नजदीक संपर्क मार्गों पर रंबल स्ट्रिप बनाए जा रहे हैं। इससे वाहन तेज रफ्तार या अचानक हाईवे पर नहीं पहुंचेंगे, जिससे सड़क हादसे नहीं होंगे। हाईवे पर पहुंचने से पहले ही उनकी रफ्तार धीमी हो जाएगी।
विज्ञापन

जिले में अधिकतर सड़क हादसे संपर्क मार्गों पर रंबल स्ट्रिप न होने से होते हैं। अक्सर सुना जाता है कि जैसे ही वाहन गांव से निकलकर हाईवे पर पहुंचा कि तेज रफ्तार ट्रक या बस ने टक्कर मार दी। अधिकतर सड़क हादसों में यही देखा गया है। लोग जैसे ही गांव से निकलकर हाईवे पर पहुंचे कि वह हादसे के शिकार हो गए। वैसे तो इसकी कई वजह हैं। एक तो ये कि लोग गांव से निकलने के दौरान अपने वाहन की रफ्तार कम नहीं करते। वह तेजी में वाहन चलाकर निकलते हैं। इससे हाईवे पर पहुंचने की बजाय ऊपर पहुंच जाते हैं। दूसरी वजह ये कि तमाम गांव ऐसे हैं, जहां से हाईवे पर कौन सी सवारी गुजर रही है। इसका ही पता नहीं चलता।
गांव की ओर से कोई चिन्ह या बोर्ड नहीं लगवाया जाता। इससे दूसरे स्थान या गांव के लोग अक्सर धोखा खा जाते हैं। फिर हादसे के शिकार हो जाते हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने गांव के संपर्क मार्गों पर रंबल स्ट्रिप बनवाने की पहल शुरू की है। तमाम गांव के संपर्क मार्गों पर रंबल स्ट्रिप बनाए जा चुके हैं। इस समय मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे किनारे गांव के संपर्क मार्गों पर रंबल स्ट्रिप बनाने का काम चल रहा है।
विज्ञापन

क्या है रंबल स्ट्रिप
रंबल स्ट्रिप एक ब्रेकर जैसा होता है। ये ब्रेकर से छोटा होता है। यहां आकर वाहनों की रफ्तार धीमी जरूर होगी। ब्रेकर कुछ बड़े होते हैं। इस समय हाईकोर्ट के सख्त आदेश हैं कि कहीं भी ब्रेकर नहीं बनाए जाएं। इससे पीडब्ल्यूडी रंबल स्ट्रिप बनवा रहा है। इसके अलावा सड़क पर स्पीड टेबिल और रिपिटिड वॉर्स बनाए जाते हैं। ये सड़क पर सफेद पट्टी जैसे होते हैं।
दहेमी गांव के नजदीक हुई थी तीन लोगों की मौत
-करीब एक माह पहले दहेमी गांव के नजदीक एक बड़ा हादसा हुआ था। एक बाइक पर सवार तीन लोग दहेमी गांव से निकल रहे थे। जैसे ही वह हाईवे पर पहुंचे थे कि तभी बदायूं की ओर से जा रही प्राइवेट बस ने टक्कर मार दी थी। इसमें तीनों लोगों की मौत हो गई थी। अगर उस समय दहेमी गांव के संपर्क मार्ग पर रंबल स्ट्रिप बने होते तो शायद हादसा नहीं होता। उनकी बाइक तेजी से हाईवे पर नहीं पहुंचती। वह बच भी सकते थे।
रंबल स्ट्रिप ब्रेकर की तरह होता है और उससे छोटा होता है। ये हाईवे किनारे गांव के संपर्क मार्गों पर बनाए जा रहे हैं। इससे हाईवे पर सड़क हादसे रुकेंगे। वाहन तेजी से हाईवे पर नहीं पहुंचेंगे। इससे हादसे भी नहीं होंगे।
विज्ञापन

- अमर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें