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सीडीपीओ पर हमले में नामजद चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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बदायूं। बदायूं-मेरठ हाईवे पर मुजरिया थाना क्षेत्र में हुए सीडीपीओ पर हमले के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है। चारों आरोपियों ने उन्हें रास्ते में घेरकर गालीगलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी दी थी।
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27 जुलाई 2021 को सीडीपीओ सहसवान सतीश कुमार और सुपरवाइजर ममता कनौजिया बैठक में शामिल होने के लिए बाइक से जिला मुख्यालय जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान बदायूं-मेरठ हाईवे पर भैंसोर नदी के नजदीक एक कार पीछा करते हुए पहुंची। वह ओवरटेक करते हुए आगे निकल गई और आगे से जाकर उनकी बाइक रोक ली। आरोप है कि कार में मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव परमू निवासी मुकेश गुप्ता समेत चार लोग थे। उन्होंने सीडीपीओ को बाइक से उतार लिया और उनके साथ गालीगलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में सीडीपीओ सतीश चंद्र ने जिला परियोजना अधिकारी और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। जिला परियोजना अधिकारी के पक्ष पर एसएसपी ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिया था। मुजरिया पुलिस ने मुकेश गुप्ता, परमु निवासी संतोष, तिगोड़ा निवासी विकास उर्फ बंटी काशीराम कॉलोनी बदायूं निवासी सतीश के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी। इसकी जांच सीओ सहसवान कर रहे थे। सीडीपीओ ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया था। अब उन्होंने चारों आरोपियों को विवेचना में दोषी मानते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट लगा दी है।
पुष्टाहार माफिया है मुकेश गुप्ता
आरोपी मुकेश गुप्ता का नाम क्षेत्र में बाल पुष्टाहार माफिया के नाम से चर्चित है। एक साल पहले भी उसके और उसके बेटे के खिलाफ जरीफनगर थाने में शिकायत पहुंची थी। आरोप था कि उन्होंने ताला तोड़कर गोदाम से पुष्टाहार चोरी कर लिया था। माफिया अपने गांव का राशन डीलर भी है। बाल विकास परियोजना के डीपीओ आदीश मिश्रा का कहना है कि मुकेश गुप्ता का उनके विभाग से कोई संबंध नहीं है। पुलिस को उसके खिलाफ आरोपों के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए।
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