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कहां गईं महिला के शव की आंखें: गिरफ्तार डॉक्टरों को रिमांड पर लेगी बदायूं पुलिस, पूछताछ में खुल सकता है राज

Thu, 14 Dec 2023 09:03 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

Budaun News: महिला के शव से आंखें निकाले जाने के मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम करने वाले दोनों डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन ये सवाल अभी बना हुआ है कि महिला की आंखें कैसे निकलीं या निकालीं और गईं कहां। पुलिस पूछताछ के लिए आरोपी डॉक्टरों को रिमांड पर ले सकती है। 
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मृतका का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं में महिला के शव से आंखें निकालने के मामले में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कमेटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर दोनों चिकित्सकों की गिरफ्तारी मानव अंगों की चोरी की ओर ही इशारा कर रही है। जब दोबारा पोस्टमार्टम कराया तो उसमें जांच आंखों पर ही टिकी हुई थी। इसके बावजूद तैयार रिपोर्ट में चूहों के कुतरने का पोस्टमार्टम में जिक्र नहीं है। कुतरने और किसी चीज से आंखें निकालने में काफी अंतर है। इसलिए मामला गिरफ्तारी तक पहुंच गया। 

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एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी डीएम ने मंगलवार को गठित की थी। उसने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट 24 घंटों में सौंप दी। इसी आधार डॉ. मोहम्मद उवैस और डॉ. मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार करने का फैसला लिया गया। इस कमेटी में विशेषज्ञ के तौर पर सीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार वार्ष्णेय भी शामिल हैं। 

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इसलिए ऐसा नहीं कहा जा सकता कि प्रारंभिक जांच में कहीं कोई अनदेखी हुई। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में चूहों की भूमिका सामने नहीं आई है। जबकि इस प्रकरण में पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। हालांकि अभी किसी अधिकारी ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।

आरोपी डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
मृतका के भाई ने ये कहा 
उधर, पूजा के भाई राजकुमार ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि जब उनकी बहन के शव को पोस्टमार्टम हाउस में अंदर ले जाया तब आंखें थीं। पुलिस ने भाई के बयानों की वीडियोग्राफी भी कराई है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर्फ आंखें नहीं होने का उल्लेख किया गया है। चूहों ने कुतरीं होतीं तो उनके नाखूनों के निशान होते और उनका भी रिपोर्ट में जिक्र किया गया होता। इन्हीं सब बातों ने इशारा किया है कि मानव अंगों की चोरी हुई है। किसने किया, यह अलग सवाल है। 

संबंधित खबर- Budaun: महिला के शव से आंखें निकालने के मामले में बड़ी कार्रवाई, पोस्टमार्टम करने वाले दोनों डॉक्टर गिरफ्तार

फिलहाल दोनों डॉक्टरों को जेल भेजने का कारण यही बना कि उन्होंने अपने दावे के मुताबिक आंखें न होने का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिक्र नहीं किया। महिला के शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान हुई वीडियोग्राफी जांच के लिए अहम साबित होगी। चेहरे और आंखों के आसपास देखकर जांच की जाएगी कि आंखें किसी चूहे ने खाई हैं या फिर किसी ने निकाली हैं।

तीन सदस्यीय कमेटी ने शुरू की छानबीन
कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। इसके तहत अध्यक्ष एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार और सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने आरोपित डॉक्टरों के सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए गए बयान की प्रति मांगी है। कमेटी सदस्यों ने बताया कि महिला के शव के पोस्टमार्टम के दौरान जो भी फार्मासिस्ट और कर्मचारी मौजूद रहे उनसे भी पूछताछ की जाएगी। जांच कमेटी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मोर्चरी भी देखेगी।

रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
मामले में शासन से पूछताछ के बाद भले ही डॉक्टरों को फिलहाल जेल भेज दिया गया है, मगर बाद में उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है। जांच टीम से जुड़े एक अधिकारी से इस मामले में बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में बड़ा खेल हो सकता है। चूहों की भूमिका तो उन्हें नहीं लग रही है।
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ये है पूरा मामला 
मुजरिया थाना क्षेत्र के ग्राम रसूला निवासी पूजा (20) ने रविवार को फंदे से लटककर जान दे दी थी। सोमवार दोपहर उसके शव का पोस्टमार्टम कादरचौक सीएचसी के डॉ. मोहम्मद उवैस और जिला अस्पताल के क्षय रोग विभाग में तैनात डॉ. मोहम्मद आरिफ हुसैन के पैनल ने किया था। 

पोस्टमार्टम के बाद मायके वाले जब पूजा का शव लेकर घर पहुंचे। जब बॉडीबैग खोला गया तो पूजा के आंखें नहीं थीं। मायके वालों ने पोस्टमार्टम के दौरान आंखें निकाले जाने का आरोप लगाकर डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद दोबारा पोस्टमार्टम और जांच कराई गई।
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