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समितियों से डीएपी गायब, शहर दौड़ लगा रहे किसान

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बदायूं। अधिकारी कागजों में खाद की भरपूर मात्रा दिखा रहे हैं, लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। हालात ये है कि अधिकांश समितियों पर खाद नहीं पहुंच पाई है। जिन समितियों पर खाद दी जा रही है वहां महंगे दामों में बेचे जाने की शिकायतें आ रही हैं। किसान कई किमी दूर दौड़ लगाकर शहर के इफको केंद्र पर खाद लेने आने को मजबूर हैं।
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किसान गेहूं की बुवाई करने के लिए खाद लेने के लिए भटक रहे हैं। अगर किसानों को एक सप्ताह और खाद न मिली तो बुवाई पिछड़ जाएगी। किसान खाद को लेकर काफी परेशान हैं। एक-एक बोरी खाद के लिए किसानों को समितियों से लेकर दुकानदारों के यहां चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। किसान सुबह से ही अपना सारा कामकाज छोड़कर समितियों और दुकानदारों के यहां लाइन में लग जाते हैं फिर भी उन्हें खाद नहीं मिल पाती है। हालात ये है कि कई समितियों पर खाद कृषि विभाग की ओर से नहीं दिया गया है। इसकी वजह से उन समितियों से जुड़े किसानों को दूसरी समितियों पर जाकर चक्कर लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
दबतोरी क्षेत्र में स्थित दबतोरी, संग्रामपुर साधन समिति पर खाद आज तक नहीं आई है। आसफपुर ब्लॉक में नौ साधन सहकारी समितियों में से सिरसका, राजटिकौली, मुंसियानगला, लक्ष्मीपुर, गुलड़िया, वजीरगंज, इस्लामनगर जबकि दहगवां के रसूलपुर सहकारी समिति पर कुछ बोरे बांटकर बंद कर दी गई। इससे किसानों को काफी परेशानी हुई। उसावां में साधन सहकारी समिति नहीं बंट रहा है। इस संबंध में कृषि अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा समितियों पर खाद देने की कोशिश की गई। सभी किसानों को आसानी से खाद मिल जाए।
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