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गंगा में बहे फिरोजाबाद के चारों लोगों का दूसरे दिन भी नहीं लगा सुराग

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कछला घाट पर स्टीमर पर मौजूद गोताखोर। संवाद - फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने के दौरान शुक्रवार को गंगा में बहे फिरोजाबाद जिले के चार लोगों की तलाश में दूसरे दिन भी पुलिस, पीएसी के साथ प्राइवेट गोताखोर जुटे रहे पर उनका सुराग नहीं लग सका। इस दौरान नावों पर युवकों के परिजन भी थे, जब कादरचौक तक कोई सफलता नहीं मिली तो पुलिस ने कासगंज से पीएसी का स्टीमर भी मंगवा लिया। इधर, गुस्साए परिजन ने बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश भी की।
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गंगाघाट पर बहे लोगों की दूसरे दिन तलाश सुबह आठ बजे शुरू हुई। सीओ गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय की मौजूदगी में पुलिस और पीएसी के जवानों के अलावा प्राइवेट गोताखोर नावें लेकर खोजबीन करते हुए कादरचौक क्षेत्र से आगे तक गए । गंगा में अधिक गहराई वाले स्थानों पर जाल भी डाला गया पर कोई सफलता नहीं मिली । दोपहर बाद खाली हाथ लौटे निजी गोताखोरों की सलाह पर सीओ और नायब तहसीलदार ने विभागीय अफसरों से बात कर कासगंज से पीएसी का एक स्टीमर भी मंगवा लिया। इसके बाद पीएसी के गोताखोर दो स्टीमर लेकर खोजबीन में जुटे रहे तो लापता युवकों के कुछेक रिश्तेदार भी गंगा किनारे पैदल चलकर झाड़ियों में तलाश करते रहे ।
यहां बता दें कि शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने के लिए कछला गंगाघाट पर पहुंचे फिरोजाबाद जिले के नारखी थाना क्षेत्र के गांव बछगांव निवासी दीपक गुप्ता, राहुल शर्मा उर्फ रामू, भोला और कुणाल शर्मा गंगा में बह गए थे। उनके साथ बहते समय उन्हीं के गांव के गुड्डू और शिवम को बचा लिया गया था। हादसे की सूचना के बाद युवकों के कई परिजन शुक्रवार रात में ही गंगाघाट पहुंच गए लेकिन उनके काफी संख्या में रिश्तेदार और करीबी शनिवार सुबह पहुंचे। गंगा में बहे लोगों का सुराग नहीं लगने पर शनिवार शाम पांच बजे कुछ परिजन बरेली-मथुरा हाईवे पर पहुंचे, जाम लगाने की कोशिश की। उन्होंने हाईवे पर वाहनों को रोकना शुरू किया तो पुलिस फोर्स ने वहां पहुंचकर उनसे बातचीत की। सीओ के समझाने पर वे लोग हाईवे से हट गए।
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पूरे दिन गंगा की ओर ताकते रहे बदहवास परिजन
लापता लोगों की तलाश में कछला घाट पर डटे उनके परिजन हादसे के बाद से बदहवास हैं। लापता दीपक गुप्ता के बड़े भाई कुलदीप के साथ कई रिश्तेदार भी पहुंचे हैं। कुलदीप ने बताया कि निजी गोताखोरों से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी संपर्क साधा है। भतीजे रामू के लिए परेशान ताऊ राकेश शर्मा दिनभर गंगा की ओर ताकते रहे तो कुणाल के पिता बृजेेश शर्मा और भोला के पिता श्रीकृष्ण का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रिश्तेदारों ने उन्हें खाना खिलाया तो फफक पड़े।
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गंगाघाट पर शुक्रवार को कम थे नाविक
कछला घाट पर शुक्रवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जित करने के समय गंगा में बहे फिरोजाबाद जिले के चार लोगों को लेकर शोर मचा तो वहां नाविकों की संख्या महज तीन-चार थी। अगर उस वक्त नाविक और गोताखोर घाट पर मौजूद रहते तो हादसा टल सकता था।
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पक्के घाट न होने से आए दिन होते हैं हादसे
कासगंज। कछला गंगाघाट पर प्रतिदिन ही सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगास्नान के लिए पहुंचते रहे। स्नान पर्वों और धार्मिक पर्वों पर तो यहां संख्या हजारों में पहुंच जाती है, लेकिन गंगाघाट पर पक्के घाट न होने से आए दिन श्रद्धालुओं के बहने के हादसे होते हैं। इस ओर शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का कतई ध्यान नहीं है। कछला के राजू कश्यप का कहना है कि गंगा पर पक्के घाट का निर्माण होना जरूरी है। संवाद
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कछला पहुंचे डीएम-एसएसपी, गंगा में बहे युवकों के परिवार वालों से बात की
बदायूं। शुक्रवार शाम फिरोजाबाद के चार श्रद्धालु कछला गंगा में बह गए थे। शनिवार शाम डीएम दीपा रंजन, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया, एसपी सिटी प्रवीन सिंह चैहान, एसडीएम सदर लालबहादुर और सीओ उझानी गजेंद्र कुमार श्रोत्रिय कछला घाट पहुंचे। उन्होंने तलाश कर रही टीमों से अभियान की प्रगति पूछी। बताया गया कि गंगा में करीब 20 किमी तक खोज हो चुकी है। सर्च अभियान जारी है। डीएम एसएसपी ने पीड़ित परिवार वालों से भी बात की। कहा कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए टीमें बढ़ाई जा रहीं हैं। डीएम ने लेखपालों और पुलिस की घाट पर ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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पुलिस और पीएसी के साथ निजी गोताखोर पूरी मेहनत से खोजबीन में जुटे हैं। गंगा किनारे की झाड़ियों को भी खंगाला जा रहा है। जलस्तर में कमी आई है। नायब तहसीलदार के साथ राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद है। उम्मीद है कि जल्द ही बहे लोगों को तलाश लिया जाएगा।
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- गजेंद्र सिंह क्षोत्रिय,सीओ
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