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बसपा के पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा का कुनबा अब सपा में

Sun, 14 Jul 2013 12:10 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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एनआरएचएम घोटाले में जेल में बंद मायावती सरकार के पूर्व मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा का पूरा कुनबा शनिवार को यहां समाजवादी पार्टी में शामिल हो गया।
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बाबूसिंह की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा और भाई शिवचरण कुशवाहा को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बंद कमरे में सदस्यता दिलाई।

बाद में, पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने पत्रकारों के बीच समर्थकों सहित सपा में इनके शामिल होने की घोषणा की। माना जा रहा है कि शिवकन्या गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से सपा की उम्मीदवार होंगी।

चौधरी ने शिवकन्या और शिवचरण का मीडिया से परिचय कराते हुए कहा कि ये सामाजिक न्याय के लिए लगातार संघर्ष करते रहे हैं और इनके सपा में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
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तय रणनीति के तहत पार्टी प्रवक्ता ने दोनों नए सदस्यों का परिचय कराते हुए बाबू सिंह कुशवाहा का नाम लेने से परहेज किया। हालांकि काफी जोर देने पर उन्होंने कहा कि ‘शिवकन्या बाबूसिंह कुशवाहा की पत्नी और शिवचरण भाई हैं।’

उन्होंने कहा कि सूबे में तेजी से राजनीतिक घटनाक्रम बदल रहा है। बहुत-सी ताकतें विचारधारा से बाहर निकलकर सांप्रदायिकता, जातिवाद के खिलाफ समाजवादी विचारधारा के साथ खड़ी हो रही हैं।

सपा इन लोगों के पार्टी में आने का स्वागत करती है। लोकसभा चुनाव में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। चौधरी ने कहा कि इनके साथ बसपा के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी सपा में शामिल हो गए हैं।

सपा में विरोध भी मुखर
कुशवाहा के कुनबे के साइकिल पर सवारी करते ही सपा में भी विरोध शुरू हो गया है। दबी जुबान तो तमाम लोग विरोध कर रहे हैं। सपा अधिवक्ता सभा के प्रदेश सचिव विनोद पाण्डेय ने मुखर होकर इसका विरोध किया।

कहा, ‘सड़क पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को भूलकर इस तरह के लोगों को शामिल करना गलत है। इससे जनता में पार्टी की गलत छवि जाएगी। जिस काम के खिलाफ हम लोगों ने संघर्ष किया।
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सड़कों पर लाठियां खाईं। अब उन्हीं लोगों को सपा में नवाजा जा रहा है। इससे गलत संदेश जाएगा।’

बसपा ने कहा, सपा कर रही गुमराह
सपा कुशवाहा, शाक्य, सैनी समाज को गुमराह करना चाहती है। वैसे सियासत में बाबूसिंह का कोई वजूद नहीं है, बसपा ने ही उन्हें जीरो से हीरो बनाया था।

सपा सरकार जांच केनाम पर पूर्व मंत्रियों पर दबाव बना रही है।
-स्वामीप्रसाद मौर्य, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, बसपा


पहले थामा था भाजपा का दामन
एनआरएचएम घोटाला उजागर होने के बाद भारी दबाव के बीच बसपा से बाहर किए गए बाबूसिंह कुशवाहा ने पहले सपा की ओर झुकाव दिखाया था लेकिन तब उन्हें पार्टी में एंट्री नहीं मिल पाई थी।

बाद में विधानसभा चुनाव से ऐन पहले उन्हें भाजपा का दामन थामा था। तब भाजपा की इतनी किरकिरी हुई थी, 24 घंटे में ही उन्हें बाहर करना पड़ा था।

चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि कुशवाहा पहले कांग्रेस में शामिल होने के लिए उनके नेताओं केचक्कर लगा रहे थे।
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