48 घंटे में खाने को मिले सब्जी-चावल और खिचड़ी
बिजनौर। खाने की फिफ्र किसे है, यहां जान बचाना मुश्किल हो रहा है। 48 घंटों में सिर्फ सब्जी चावल और खिचड़ी खाने को मिल रही है। यह बात कही कीव में भारतीय दूतावास के पास एक स्कूल में शरण लिए सुहेल ने। सुहेल ने बताया कि भारतीय राजदूत ने इस स्कूल में पहुंचकर छात्रों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही उन्हें सुरक्षित घर पहुंचा दिया जाएगा। सुहेल यहां एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है।
यूक्रेन में बिजनौर के पचास से अधिक छात्र फंसे हुए हैं। कोई हॉस्टल में है, कोई बंकर में तो कोई कहीं फंसा है। मंडावर के रहने वाले सुहेल को बुधवार की शाम फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन बमबारी हो गई। जिस कारण सुहेल समेत तमाम भारतीय छात्रों को दूतावास ने पास के ही एक स्कूल में सुरक्षित ठिकाना दिलाया। सुहेल ने शुक्रवार को अमर उजाला से बातचीत में बताया कि भारतीय राजदूत पार्थ सत्पथी आए थे। जिन्होंने जल्द सुरक्षित निकाल लेने का भरोसा दिलाया और छात्रों से धैर्य बनाए रखने की बात कही। सुहेल ने बताया कि फर्श पर ही सो रहे हैं। शाम को सोयाबीन की सब्जी के साथ थोड़े चावल खाने को मिल गए थे। शुक्रवार को दोपहर में दो बजे पीली दाल की खिचड़ी मिली है। कई छात्र डर की वजह से खा भी नहीं रहे हैं।
कभी भी बंद हो सकता है पानी, बिजली और गैस की आपूर्ति
हल्दौर/बिजनौर। पानी, बिजली और गैस की आपूर्ति कभी भी बंद हो सकती है। फिर खाना कैसे बनेगा, पीने का पानी भी एक दिन का ही बचा है। यह बात कार्तिक त्यागी ने कही। बोले कि दिन में तैयार होकर बैठ जाते हैं, कब भागना पड़ जाए मालूम नहीं। कई छात्र काफी डरे हुए हैं।
पैजनिया के रहने वाले डॉ. पवनीश त्यागी का बेटा कार्तिक त्यागी यूक्रेन में डिनीप्रो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। उसने बताया कि फिलहाल हॉस्टल में ठहरे हुए हैं। दिन में बाहर निकलने की मनाही है। कभी भी अटैक हो सकते हैं, यह डर बना हुआ है। दिन में कपड़े पहनकर तैयार रहते हैं, एक बैग पैक कर रखा है। कभी भी बंकर में जाना पड़ सकता है। बताया कि पानी, गैस और बिजली कब कट जाए मालूम नहीं है। गैस बंद हो गई तो खाना नहीं बनेगा। बताया कि उनके कमरे ऊपर से ही मिसाइल गुजरी थी। जिसकी तेज आवाज में सोते हुए उठ गया। आर्मी कैंप पर तीन मिसाइल गिरी हैं।