यूक्रेन के इवानो में अपने दोस्तो के संग बिजनौर का हितेश चौधरी।
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कब बंकर में जाना पड़ जाए, रात में जूते पहन कर सो रहे छात्र
बिजनौर। खाना खाने का बिलकुल मन नहीं कर रहा है, इसलिए बनाया भी नहीं। फाइटर प्लेन शहर पर उड़ान भर रहे हैं, उनकी आवाज से डर लग रहा है। ज्यादा भूख लगी तो मैगी खा ली। रात को जूते पहनकर सो रहे हैं, पता नहीं कब बंकर में जाना पड़ जाए। यह बात यूक्रेन में फंसे हितेश चौधरी ने शुक्रवार को अमर उजाला से खास बातचीत में कही।
रशीदपुर गढ़ी के रहने वाला हितेश चौधरी इवानों यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को इवानों का एयरपोर्ट तबाह हो गया था। तभी से अफरा तफरी मच गई। इसके तुरंत बाद उन्होंने एटीएम से पैसा निकाला और खाने पीने का जरूरी सामान खरीद लिया। वह इस समय हॉस्टल में हैं, लेकिन डर लग रहा है। बृहस्पतिवार को ही एक बैग तैयार कर लिया था। जिसमें पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाणपत्र और जरूरी कागजात, कुछ कपड़े रखे हैं। कब बंकर में जाना पड़ जाए, इसलिए रात को जूते पहनकर ही सो रहे हैं। आधी रात तक तो बैठे ही रहे, बाद में कब नींद आ गई पता नहीं चला। रातभर इमरजेंसी के कारण लाइट नहीं रही। शाम को कुछ खाया नहीं था, सुबह से भी खाना बनाने या खाने का मन नहीं है, सिर्फ मैगी खाकर काम चला लिया। दूतावास की ओर से सूचना मिली है कि आज बस आएगी। जिससे उन्हें हंगरी, पौलेंड या रोमानिया तक भेजा जाएगा।