उनका कहना है कि आईएएस बनना उनका लक्ष्य था। वह समाज में गरीबी, सामाजिक असमानता को दूर करने के क्षेत्र में कार्य करना उनकी मंशा है। मुक्तेंदर के पिता सतीश वाल्मीकि कोल्हू पर मजदूरी करते हैं। मुक्तेंदर की सफलता पर पिता सतीश और माता कविता ने शुभाशीष दिया। वहीं, उनके घर पर बधाई देने के लिए गांव के लोगों का तांता लगा है।
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इन्होंने किया जिले का नाम रोशन
बिजनौर जनपद के तीन बेटों ने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की। इनमें मुक्तेंद्रर मजदूर का बेटा है। वहीं, राजकीय आईटीआई बिजनौर में कार्यरत व बिजनौर शहर निवासी सुमनलता अनुदेशक के पुत्र विश्वजीत सौरयान ने यूपीएससी की परीक्षा में 126 वीं रैंक प्राप्त की। उनके अलावा गांव गंधौर निवासी हिमांशु पुत्र हुकुम सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर 841 वीं रैंक प्राप्त की। वर्तमान में हिमांशु नायब तहसीलदार पद पर हैं।