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यूपी: मेरठ से बिजनौर तक बिछेगी रसोई गैस की पाइपलाइन, 60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

Thu, 28 Oct 2021 11:15 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

प्राकृतिक रसोई गैस की आपूर्ति के लिए मेरठ से बिजनौर तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी। बिजनौर में रसोई तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाने में 60 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है। फिलहाल शहर की पांच कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। 
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एलपीजी गैस सिलिंडर
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विस्तार
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बिजनौर जिले में प्राकृतिक रसोई गैस की आपूर्ति करने के लिए मेरठ से बिजनौर तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी। हालांकि पाइप लाइन बनाने में दो साल तक का समय लग सकता है। तब तक टैंकर से गैस आएगी। जनपद को मेरठ में पहले से मौजूद कंपनी गेल गैस आपूर्ति करेगी। वहीं शहर के पांच मोहल्लों में पाइप लाइन बनाए जाने का काम तेजी से चल रहा है। 

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शहर की कॉलोनी ज्ञान विहार, गीता नगरी, आवास विकास, रामबाग और एसडीपुरम में पहले चरण में पाइप लाइन बनाने का काम चालू हो गया है। फिलहाल रशीदपुर गढ़ी गांव के शहर से लगते इलाकों और ज्ञान विहार में घरों तक पाइप लाइन बनाई जा रही है।

कुछ घरों के पास कनेक्शन देने के लिए प्वाइंट भी बनाए जा चुके हैं। इन पांच कॉलोनी में प्राकृतिक रसोई गैस की आपूर्ति करने के लिए पालिका ने अनुमति दी है। यहां पर काम पूरा कर लिए जाने के बाद बाकी शहर के दूसरे मोहल्लों में भी पाइप लाइन बनाने का काम किया जाएगा। एचपीसीएल यह पूरा जिम्मा संभाल रही है। परियोजना पर 60 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
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मेरठ से पाइप लाइन बनने तक टैंकर से होगी आपूर्ति
मेरठ में गेल इंडिया लिमिटेड पहले से स्थापित है। बिजनौर तक गैस की आपूर्ति के लिए गेल के प्लांट से पाइप लाइन को जोड़ा जाएगा। मेरठ से बिजनौर तक पाइप लाइन बनाई जानी है। जब तक पाइप लाइन नहीं बनती तो टैंकर से जिले में आपूर्ति होगी। टैंकर से डीसीयू (डी कंप्रेशन यूनिट) में गैस डाली जाएगी। जहां से घरों की पाइप लाइन में आपूर्ति होगी। शहर में डी कंप्रेशन यूनिट बनाए जाने के लिए जमीन तलाशी जा रही है, जिससे घरों तक पहुंचने वाली पाइप लाइन को जोड़ा जाएगा। डीसीयू में गैस का भंडारण रहेगा। 

पीएनजी के फायदे
- 24 घंटे आपूर्ति
- हवा की तुलना में हल्की होने से उपयोग सुरक्षित
- सिलिंडर से छुटकारा
- बुकिंग की परेशानी खत्म
 
लगभग आधी कीमत में पड़ेगी पीएनजी
जिन महानगरों में पीएनजी की आपूर्ति रसोई तक पाइप लाइन से की जा रही है। वहां फिलहाल पीएनजी के दाम 38 रुपये हैं, जबकि सिलिंडर में मिलने वाली एलपीजी 65 रुपये के आसपास पड़ रही है। रसोई के बाहर पीएनजी की पाइपलाइन पर मीटर लगेगा। गैस इस्तेमाल करने के बाद बिल का भुगतान एक से दो महीने के अंतराल में करना होगा। 
 
फिलहाल पांच कॉलोनियों में घरों तक पाइप लाइन डाले जाने का काम चल रहा है। इसके बाद बाकी शहर में होगा। आपूर्ति के लिए मेरठ से बिजनौर तक स्टील की पाइप लाइन बिछेनी। मेरठ से पाइप लाइन आने तक टैंकर से आपूर्ति होगी, जिसे डीसीयू के जरिये घरों तक जाने वाली पाइप लाइन में डाला जाएगा। - रोहित बायनी, प्रोजेक्ट इंजीनियर
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