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अनोखी रस्म: बिजनौर में पिता ने खुद पढ़ाया अपनी बेटी का निकाह, कई उलमा भी रहे मौजूद

Tue, 06 Feb 2024 04:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

बिजनौर के नजीबाबाद में एक अनोखी रस्म देखने को मिली। यहां एक पिता ने अपनी बेटी की शादी के दिन खुद ही निकाह पढ़ाया। इस दौरान समारोह में शामिल लोग भी हैरान रह गए।
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प्रतापगढ़ : निकाह। सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में एक अनोखी रस्म अदा की गई। हाफिज बाप ने अपनी बेटी की शादी में खुद बेटी का निकाह पढ़ाया। निकाह के वक्त नगर के कई उलमा मौजूद रहे।

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अमरोहा से तहसीलदार पद से सेवानिवृत हुए हाफिज हाजी शमीम अहमद की बेटी रुशदा हाशमी की शादी नजीबाबाद निवासी मो.आदिल अख्तर के साथ हुई।

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हाफिज शमीम अहमद - फोटो : Amar Ujala
निकाह के बीच उस वक्त लोग हैरत में पड़ गए जब बेटी रुशदा हाशमी के पिता हाफिज हाजी शमीम अहमद ने  बेटी का  निकाह खुद पढ़ाया।निकाह के वक्त जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मो. ईसा, मुफ्ती उवैस अहमद शिबली, मुफ्ती अरशद ,मुफ्ती अब्दुल्लाह, कारी अकील अहमद, मौलाना असलम कासमी मौजूद रहे।

हाफिज शमीम अहमद ने कहा कि उलमा के मशवरा से उन्होंने बेटी का वारिस होने के नाते  निकाह पढ़ाया कर सुन्नत अदा की है। शमीम अहमद फरमाते हैं कि निकाह,जनाजे की नमाज, गुसल वगैरा में वारिस का हक बनता है।मैंने इसी हक को उलमा के मशवरा पर अंजाम दिया। 
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