गेहूं की प्रजाति एचडी-3298 का ट्रायल शुरू
बिजनौर। नगीना स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में गेहूं की देर से बोई जाने वाली प्रजाति एचडी-3298 का ट्रायल शुरू किया गया है। यह प्रजाति 15 जनवरी तक गेहूं की बुवाई की तैयारी के साथ विकसित की गई है। इसकी फसल 103 दिन में ही पक जाती है और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। अगर ट्रायल सफल रहता है तो बाद में किसानों को भी इसका बीज दिया जाएगा। किसान जनवरी में भी इसे बोकर अच्छी पैदावार ले सकते हैं।
जिले में गन्ने का क्षेत्रफल सबसे अधिक रहता है। आमतौर पर किसान 31 दिसंबर तक ही गेहूं की बुवाई करते हैं। जनवरी में जिन किसानों के खेत खाली होते हैं और उन्हें गन्ना या चारा बोना होता है तो कई माह तक उनके खेत खाली रहते हैं। इन खेतों में गेहूं का रकबा बढ़ाने के लिए एचडी 3298 प्रजाति कृषि वैज्ञानिकों ने तैयार की थी। नगीना स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में इसका ट्रायल शुरू किया गया है। आमतौर पर जहां गेहूं की अगेती प्रजाति 140 से 150 दिन, पछेती प्रजाति 120 से 140 दिन में पकती है लेकिन एचडी 3298 की फसल 103 दिन में ही पक जाती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ.केके सिंह के अनुसार एचडी 3298 का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। ट्रायल में सफल होने पर ही अगले साल किसानों को इसका बीज दिया जाएगा।
ज्यादा हैं पोषक तत्व
एचडी 3298 में पोषक तत्व सामान्य गेहूं से अधिक होते हैं। सामान्य गेहूं में आयरन 28 से 32 ग्राम और प्रोटीन आठ से दस पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) तक होता है। एचडी 3298 में आयरन की मात्रा 43.10 और प्रोटीन की मात्रा 12.10 पीपीएम होती है।