- शिकायत पर कार्रवाई होती तो नहीं आती गोलीकांड की नौबत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पुलिस की हीलाहवाली और जमींदार की रसूख में पीड़ित परिवार की फरियाद दम तोड़ती रही। दरअसल गोली बरसाने वाला हत्यारोपी करीब सौ एकड़ के कृषि फार्म का स्वामी है। जबकि पीड़ित किसान परिवार के पास ज्यादा जमीन नहीं है। ऐसे में मेढ़ पर खड़े पेड़ों को लेकर हुए विवाद की शिकायत पहले पुलिस के पास पहुंची थी। जिसमें विवाद का निपटारा तो नहीं कराया गया बल्कि मुचलका पाबंद की कार्रवाई करते हुए पल्ला झाड़ लिया।
बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव कुआंखेड़ा के रहने वाले गुरदीप की पत्नी वीरोबाई ने 19 को बढ़ापुर पुलिस को शिकायती पत्र दिया। जिसमें कहा गया कि उनकी खेत की मेढ़ पर खड़े पेड़ काट डाले हैं। विरोध करने पर भूपेंद्र और उसके साथियों ने गाली गलौज की। मारपीट पर आमादा हो गए। जान से मारने की धमकी देकर बेइज्जती की, आरोप लगाया कि आरोपी लाइसेंसी रिवॉल्वर दिखाकर डराता है। इस मामले में दोनों पक्षों के मुचलका पाबंद कर दिए गए। बाद में 22 नवंबर को फिर से यह मामला थाने पहुंचा था। अगर पहले ही इस विवाद पर कड़ी कार्रवाई या विवाद को खत्म कर दिया जाता तो पीड़ि़त किसान के बेटे गोविंदा की जान शायद न जाती।