कार्बेट के बाघों की दहाड़ से गूंजेंगे राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के जंगल
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान के बाघ की दहाड़ से राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के जंगल गूंजेंगे। कार्बेट के वनों से पांच बाघ राजाजी राष्ट्रीय उद्यान भेजे जाएंगे। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान व भारतीय वन्यजीव संस्थान के अधिकारी व वैज्ञानिक कालागढ़ पहुंच गए हैं।
कालागढ़ के वनों के बाघ की आवाज अब राजाजी में भी सुनी जा सकेगी। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के वन बिजनौर, कोटद्वार व लैंसडान के वन से लगे हैं। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की कमी को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने गंभीरता से लिया है। इसके लिए कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान से पांच बाघ राजाजी राष्ट्रीय उद्यान भेजे जाने पर सहमति जता दी है। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान, देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान के अधिकारी व वैज्ञानिक बाघों के प्राकृतावास व भौगोलिक स्थिति का जायजा लेने कालागढ़ पहुंच गए हैं। कालागढ़ के वन विश्राम गृह में कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती से टीम ने विचार विर्मश किया। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के पार्क वार्डन कोमल सिंह, कार्बेट टाइगर रिजर्व के डा. दुष्यंत कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कुंदन सिंह खाती ने बताया कि टीम कालागढ़ से ढेला, लाल ढांग व रामनगर तराई पश्चिम के टेड़ा क्षेत्र में भ्रमण कर जानकारी लेगी। अक्तूबर में दो बाघ यहां से राजाजी राष्ट्रीय उद्यान भेजे जाएंगे। कार्बेट टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक राहुल ने बताया कि राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के पश्चिमी भाग में बाघ की कमी हो गई है। जिसकी वजह से वहां बाघों की जनसंख्या बढ़ नहीं पा रही है। इसलिए कार्बेट टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान से दो बाघिन व तीन बाघ राजाजी भेजे जाने पर सहमति बनी है।