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गबन के आरोपी की जमानत याचिका निरस्त

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गबन के आरोपी की जमानत याचिका निरस्त
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बिजनौर। स्पेशल जज ईसी एक्ट हनी गोयल ने 13 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के भवनों निर्माण में हुई 90 लाख की धोखाधड़ी व गबन के मामले में आरोपी तत्कालीन परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता क्षितिज अग्रवाल के अनुसार विशेषज्ञ बेसिक शिक्षा अधिकारी बनवारी लाल ने थाना कोतवाली शहर में जनवरी 2012 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जिला बिजनौर में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत 13 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय भवनों का निर्माण उत्तर प्रदेश सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड लखनऊ द्वारा किया जाना था। निर्माण हेतु धनराशि आवंटित करते समय निर्माण की कार्यदायी संस्था के बिजनौर के परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र सिंह से निर्माण संबंधी अनुबंध फरवरी 2009 में किया गया था। लेकिन निर्धारित अवधि अप्रैल 2010 बीत जाने के बाद भी निर्माण संस्था द्वारा निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया।
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13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का मूल्यांकन कराने पर स्पष्ट हुआ कि कार्यदायी संस्था द्वारा संस्था को प्रेषित धनराशि में से 90 लाख पांच हजार रुपये का निर्माण कार्य नहीं किया गया है। कोर्ट ने केस डायरी के अवलोकन से इस मामले में पाया कि बिजनौर में 13 कस्तूबर गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के निर्माण में गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं। किसी विद्यालय की छत असुरक्षित मिली तो कहीं कार्य अपूर्ण मिला और कहीं पर कार्य पूर्ण क्षतिग्रस्त पाया गया। धर्मेंद्र सिंह जो परियोजना में महत्वपूर्ण पद परियोजना प्रबंधक पर कार्यरत था का कर्तव्य था कि वह कार्य को एग्रीमेंट के अनुसार गुणवत्ता के साथ समय से कराएं। धर्मेंद्र सिंह द्वारा ऐसा नहीं किया गया। बड़ी सरकारी धनराशि का दुरुपयोग इस मामले में पाया गया है। अपराध की प्रवृत्ति को देखते हुए धर्मेंद्र की जमानत याचिका निरस्त की जाती है।
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