फोरलेन हाईवे पर इमरजेंसी में सिंगल बटन से मिलेगी सहायता
बिजनौर। यूं तो मोबाइल का जमाना है, लेकिन नेटवर्क नहीं होने पर कॉल बॉक्स व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। कॉल बॉक्स का एक बटन दबाते ही इमरजेंसी में सहायता पहुंच जाएगी। हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे पर कॉल बॉक्स लगाए जाने शुरू हो गए हैं।
हरिद्वार से काशीपुर तक नेशनल हाईवे 74 को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। नगीना से काशीपुर तक निर्माण पूरा हो चुका है। जिस पर पुुरैनी के पास टोल भी वसूला जा रहा है। सुविधाएं मुहैया कराने की कड़ी में हाईवे अथॉरिटी अब कॉल बॉक्स लगा रही है। यह हर पांच किलोमीटर पर दाईं और बाई लेन दोनों तरफ एक एक कॉल बॉक्स लगाया जाएगा। इसकी खासियत यह है कि सीधे जीपीएस से भी जुड़ा है और सौर उर्जा से संचालित है। सहायता के लिए कोई नंबर लगाने की जरूरत भी नहीं, सिर्फ एक बटन दबाओ और हाईवे के कंट्रोल रूम में बातें होने लगेंगी।
मदद को पहुंचेगा रूट पेट्रोलिंग वाहन
हाईवे पर सफर करते हुए कोई भी दिक्कत हो सकती है। ऐसे में इमरजेंसी के दौरान हाईवे पर रूट पेट्रोलिंग वाहन भी दौड़ेगा। इसके अलावा एंबुलेंस और क्रेन की सुविधा भी मिलेगी।
बनाया जाना है एटीएमएस
कॉल बॉक्स लगाए जा रहे हैं। जिन्हें टोल प्लाजा पर बनाए जानी वाली एक्सचेंज से जोड़ा जाएगा। एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम बनते ही कॉल बॉक्स को उससे जोड़ दिया जाएगा। जल्द ही एटीएमएस भी स्थापित कर दिया जाएगा।
1033 पर भी कर सकते हैं कॉल
कॉल बॉक्स पुरानी व्यवस्था थी। हालांकि अभी तक बनाए जा रहे हाईवे पर इन्हें लगाया जा रहा है। अब हाईवे अथॉरिटी ने 1033 टोल फ्री नंबर भी जारी कर दिया है। जिस पर मोबाइल से कॉल कर हाईवे पर सफर करते हुए इमरजेंसी में मदद ली जा सकती है।
कॉल बॉक्स लगाए जा रहे हैं। इमरजेंसी में इनसे कॉल की जा सकती है। जिस पर कॉल करने से तुरंत मदद पहुंचेगी। कॉल बॉक्स अभी चालू नहीं हुए हैं। एटीएमएस स्थापित होते ही इन्हें चालू कर दिया जाएगा।
- बीपी पाठक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई