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गुरुकुल की छह कन्याओं का किया गया समावर्तन संस्कार

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गुरुकुल की छह कन्याओं का समावर्तन संस्कार
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नजीबाबाद। विद्या ज्ञान जीवन भर लिया जाता है। विद्यार्थी जीवन से अंत तक विद्यारूपी ज्ञान प्राप्त किया जाता है। गुरुकुल आर्ष कन्या विद्यापीठ के रजत जयंती कार्यक्रम में शनिवार को आचार्या सूर्यादेवी चतुर्वेदा ने उक्त विचार व्यक्त किए। विद्यापीठ की छह कन्याओं का गुरुकुलीय शिक्षा उपरांत समावर्तन संस्कार किया गया।
गुरुकुल आर्ष कन्या विद्यापीठ रजत जयंती समारोह के दूसरे दिन मुख्य वक्ता आचार्या सूर्यादेवी चतुर्वेदा ने गुरुकुलीय शिक्षा और विद्या ज्ञान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन से शुरू होने वाला विद्यारूपी ज्ञान लगातार चलता है। इसका कभी अंत नहीं होता है। प्राचार्या प्रियंवदा वेद भारती के निर्देशन में आयोजित रजत जयंती समारोह में गुरुकुल आर्ष कन्या विद्यापीठ की छह कन्याओं का गुरुकुलीय शिक्षा पूरी होने पर समावर्तन संस्कार किया गया। प्रियंवदा वेद भारती ने विज्ञान, आयुर्वेद और गुरुकुलीय शिक्षा प्रणाली पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि गुरुकुलीय शिक्षा मनुष्य को संस्कारित जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
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रजत जयंती समारोह में गुरुकुल आर्ष कन्या विद्यापीठ की छात्राओं ने शिवराज विजय नाटक का मंचन किया। स्वामी आर्यवेश की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में आचार्य प्रणवानंद, डॉ. सुरेंद्र शर्मा, धनंजय, आचार्य प्रसस्य मित्र समेत अन्यलोगों ने भाग लिया।
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