बिजनौर में दोहरे हत्याकांड में कोर्ट सजा-ए मौत की सजा सुना चुकी थी, फांसी के आदेश की कॉपी हस्ताक्षर करने के लिए मुनीर और रैय्यान को दी गई। रैय्यान ने पूछा, क्या सजा हुई। फांसी की सजा सुनते ही रैय्यान खामोश हो गया। आदेश की कॉपी की प्रतिलिपि प्राप्त कराने के लिए हस्ताक्षर कराए गए जिस पर रैय्यान के हाथ लड़खड़ा गए।
मुश्किल से रैय्यान ने हस्ताक्षर किए। वहीं मुनीर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा, वह केवल खामोश रहा और चेहरे पर कुछ तनाव दिखाई दिया। सजा सुनाए जाने के बाद मुनीर को सोनभद्र की जेल भेज दिया गया, वहीं से उसे कोर्ट लाया गया था। बता दें कि मुनीर और रैय्यान सजा क्या हुई है, यह मालूम होने से पहले तक दोनों मुस्करा रहे थे। इस दोहरे हत्याकांड में शामिल होने के अलावा रैय्यान पर कोई अन्य मामले का केस नहीं है।
तंजील हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाले कुख्यात गैंगस्टर मुनीर के खिलाफ 33 मुकदमेे दर्ज है। 15 मुकदमे सिर्फ अलीगढ़ में ही दर्ज हैं जबकि आठ केस बिजनौर में दर्ज हुए हैं। बाकी दिल्ली और अन्य जगहों पर भी मुकदमे पंजीकृत हैं।