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NIA Officer Murder Case: मुनीर का अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बड़ा कनेक्शन, बीसीए नहीं अपराध में की पीएचडी, फिर ताबड़तोड़ वारदात

Sun, 22 May 2022 01:06 AM IST
कपिल kapil अचल चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
देशभर में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम है, यहीं से बीसीए करने के लिए मुनीर अलीगढ़ गया। डिग्री तो ले नहीं पाया लेकिन अपराध का ककहरा जरूर सीख गया। सिर्फ ककहरा ही नहीं बल्कि अपराध में पीएचडी भी कर ली। गर्लफ्रेंड और खुद के शौक पूरे करने के लिए मुनीर ने लूट और हत्या की वारदातों को अंजाम देना भी अलीगढ़ में शुरू किया।

बिजनौर के कस्बा सहसपुर में रहने वाला मुनीर साल 2009 में अपने फुफेरे भाई जफर के पास अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए तैयारी करने गया था। अलीगढ़ में मुनीर जफर के साथ रहने लगा। बताया जाता है कि वह एएमयू से बीसीए करने लगा था, जिसे पूरा नहीं कर पाया। हालांकि एएमयू के प्रशासन ने कभी उसका प्रवेश होने की बात पर मुहर नहीं लगाई।
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
इसके बाद भी अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में उसका खूब आना जाना रहा। अलीगढ़ में ही उसकी दोस्ती फैजाबाद के आशुतोष मिश्रा, आजमगढ़ के शादाब, एनसीआर के अतीउल और अंबेडकरनगर निवासी सऊद से हो गई। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में चुनाव के दौरान कई झगड़े हुए। अलीगढ़ से ही मुनीर अपने साथी आशुतोष और सऊद के साथ अपराध की दुनिया में उतरा। जिसने लूटपाट करनी शुरू कर दी।
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आरोपी रैय्यान, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
छात्रसंघ के चुनाव में दिया था करीबी का साथ
2013 में एएमयू में छात्रसंघ के चुनाव हुए। इस चुनाव में मुनीर ने एक करीबी छात्र का साथ दिया। जहां छात्र गुटों के झगड़े में उसका नाम आने लगा। साल 2013 में मुनीर के खिलाफ अलीगढ़ में जमीन कब्जे के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।

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आरोपी मुनीर को ले जाती पुलिस। - फोटो : amar ujala
साल 2014 में की पीतल कारोबारी की हत्या
साल 2014 को अलीगढ़ अमीरनिशां बाजार में पीतल कारोबारी फहद की मुनीर और आशुतोष ने हत्या कर दी थी। वहीं 16 सितंबर 2015 को एएमयू में छात्र आलमगीर की दिनदहाड़े हत्या हुई थी। हत्या की रिपोर्ट मुनीर, रैय्यान व सादाब निवासी आजमगढ़ व आशुतोष मिश्रा निवासी फैजाबाद के खिलाफ दर्ज कराई थी। इस केस में मुनीर नहीं पकड़ा जा सका था।
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तंजील मर्डर केस। - फोटो : amar ujala
अलीगढ़ से भाग दिल्ली को बनाया ठिकाना
हत्या और लूट के बाद जब पुलिस पीछे लगी तो मुनीर अलीगढ़ छोड़कर बटाला हाऊस दिल्ली में किराए पर रहने लगा। बटाला हाऊस से साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर शाहीन बाग में सपरिवार रहने वाले तंजील अहमद के संपर्क में मुनीर आ गया। सहसपुर के मूल निवासी तंजील अहमद एनआईए में डीएसपी थे। एक ही कस्बे का होने का कारण नजदीकियां बढ़ती चली गई। मुनीर ने तंजील अहमद से फ्लैट और हथियार दिलाने को कहा। 
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बिजनौर पुलिस। - फोटो : amar ujala
वहीं 29 नवंबर 2014 में कमला नगर दिल्ली में आशुतोष के साथ मिलकर मुनीर ने कैश वैन के गार्ड की गोली मारकर हत्या की और डेढ़ करोड़ रुपये लूटे। बटाला हाऊस से अलीगढ़ पुलिस आशुतोष को पकड़कर ले आई थी। इसके बाद उसने सादाब के साथ मिलकर धामपुर में पीएनबी कैश वैन के गार्ड की गोली मारकर 95 लाख रुपये की लूट की।
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड - फोटो : amar ujala
मुखबिरी के शक में एनआईए के डीएसपी को मारा
सहसपुर के रिजवान से मुनीर को जानकारी मिली कि पुलिस उसे तलाश कर रही है। यह भी बताया गया कि मुखबिरी तंजील कर रहा है। इसके बाद तंजील अहमद को रास्ते हटाने का प्लान बनाया। आखिरकार मुनीर ने रैय्यान के साथ मिलकर डीएसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी को मार डाला था।
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