देशभर में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम है, यहीं से बीसीए करने के लिए मुनीर अलीगढ़ गया। डिग्री तो ले नहीं पाया लेकिन अपराध का ककहरा जरूर सीख गया। सिर्फ ककहरा ही नहीं बल्कि अपराध में पीएचडी भी कर ली। गर्लफ्रेंड और खुद के शौक पूरे करने के लिए मुनीर ने लूट और हत्या की वारदातों को अंजाम देना भी अलीगढ़ में शुरू किया।
बिजनौर के कस्बा सहसपुर में रहने वाला मुनीर साल 2009 में अपने फुफेरे भाई जफर के पास अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए तैयारी करने गया था। अलीगढ़ में मुनीर जफर के साथ रहने लगा। बताया जाता है कि वह एएमयू से बीसीए करने लगा था, जिसे पूरा नहीं कर पाया। हालांकि एएमयू के प्रशासन ने कभी उसका प्रवेश होने की बात पर मुहर नहीं लगाई।