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मुबारकपुर के पास रामगंगा नदी का तटबंध टूटा, ग्रामीणों में मची अफरातफरी

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धामपुर में मुबारकपुर में टूटे रामगंगा के बंधे को देखते एसडीएम धीरेंद्र सिंह। - फोटो : DHAMPUR
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मुबारकपुर के पास रामगंगा नदी का तटबंध टूटा
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धामपुर (बिजनौर)। क्षेत्रवासियों की मांग के बाद भी सिंचाई विभाग की ओर से गांव मुबारकपुर गांवड़ी के पास प्रवाहित होने वाली रामगंगा नदी के तटबंधों की मरम्मत न होने से शनिवार तड़के बंधा टूट गया। इससे कई गांवों के लोगों में अफरातफरी मच गई। जब रामगंगा के पानी का प्रवाह गांव मुबारकपुर की ओर बढ़ने लगा तो उन्होंने बंधे को मिट्टी के भरे कट्टों से पानी रोकने का प्रयास किया। इस दौरान गांव हाफिजाबाद का युवक मान सिंह नदी तेज प्रवाह में बहने लगा, जिसे ग्रामीणों ने रस्सी बांधकर बाहर निकाला। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों को देख गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर हाईवे को जाम कर दो घंटे तक प्रदर्शन किया।
गांव के नीशु, जयप्रकाश, सगवा, सुनील, मनोज, प्रकाशवीर सिंह, दीपमाला, महावीर, देवेंद्र, विपिन कुमार ने बताया कि क्षेत्र के लोग अप्रैल से सिंचाई विभाग के अधिकारियों से रामगंगा के बंधों को मजबूत कराने की मांग करते आ रहे है लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। 2010 में भी रामगंगा में अधिक पानी आने से बंधा यहीं से ध्वस्त हुआ था। हाईवे 74 भी नदी में समा गया था लेकिन शासन और प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है। बंधा टूटने का पता तब लगा जब कुछ ग्रामीण शनिवार तड़के जंगल में शौच के लिए जा रहे थे। रामगंगा के पानी को तेजी से गांव की ओर बढ़ता देख उन्होंने गांव में जाकर ग्रामीणों को जानकारी दी। कुछ ही देर में बंधा टूटने की सूचना फैलने पर आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मिट्टी के कट्टे डालकर पानी को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान गांव हाफिजाबाद निवासी मान सिंह नदी के तेज प्रवाह में बहने लगा, जिसे ग्रामीणों ने किसी तरह से रस्सी से बांधकर उसे नदी से बाहर निकाला। बाद में वहां पर हाईवे चौड़ीकरण के कार्य में लगी पीएनसी के अधिकारियों ने पहुंच कर रेत बजरी डाल कर पानी को रोका। नदी का पानी गांव घोसियावाला संपर्क मार्ग पर जमा होने से ग्रामीणों को दिक्कत हो रही है।
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सीएम से नुकसान की भरपाई की मांग
नदी के पानी से किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन में फसलें जलमग्न हो गई। ग्रामीणों ने सरकार से नुकसान की भरपाई की मांग की है। ग्रामीणों ने सीएम से बिजनौर का दौरा कर बाढ़ से बचाव के लिए हुए मरम्मत कार्यो की समीक्षा कर विभाग के लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
एडीएम ने भी किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अवधेश कुमार मिश्र ने अधिकारियों के काफिले के साथ दोपहर बाद गांव मुबारकपुर का दौरा कर टूटे बंधे को देखा। संबंधित विभाग के अधिकारियों को तटबंधों को मजबूत करने के निर्देश दिए। इससे पहले जब सवेरे के समय एसडीएम धीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ग्रामीण बाढ़ के पानी में डूबने लगते हैं तो उसके बाद अधिकारी और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि समस्या का निदान का भरोसा देते है। लेकिन फिर गांव में आकर नहीं देखते।
दो घंटे तक हाईवे 74 जाम कर किया प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक
समस्या का निदान न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे 74 पर ट्रैक्टर ट्रालियों से जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने किसी तरह से सिंचाई विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर ग्रामीणों को शांत कर जाम खुलवाया। इस मौके पर लगे जाम को जबरन खुलवाने का प्रयास करने पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक भी हुई।
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रामगंगा में दो लाख के सापेक्ष केवल 15 हजार क्यूसेक पानी: एक्सईएन
अफजलगढ़। सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि नदी की क्षमता करीब दो लाख क्यूसेक है। वर्तमान में करीब 15 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। नदी में बाढ़ की कोई संभावना नहीं है। कालागढ़ रामगंगा बांध से करीब छह हजार क्यूसेक पानी ही नदी में प्रवाहित हो रहा है।

धामपुर के गांव घोसियोवाला में संपर्क मार्ग पर जमा पानी।- फोटो : DHAMPUR

धामपुर में मुबारकपुर में टूटे रामगंगा के बंधे को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच देखते एसडीएम धीरें- फोटो : DHAMPUR

05ड्ड धामपुर में गांव मुबारकपुर गांवड़ी के पास हाईवे जाम कर प्रदर्शन करते ग्रामीण।- फोटो : DHAMPUR

धामपुर के गांव मुबारकपुर गांवड़ी में जाम के खुलवाने के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच होती नोकझ?- फोटो : DHAMPUR

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