संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी में पकड़े से दूर चल रहे दो आरोपियों को ढूंढने के लिए पुलिस दौड़ रही है। आरोपियों की रिश्तेदारी और अन्य संभावित स्थानों पर पुलिस ने दबिश दी है। आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग पाए। हालांकि चार आरोपी इस मामले में पहले ही जेल जा चुके हैं।
रविवार की रात शहर कोतवाली पुलिस ने एसवी मेडिकल स्टोर के स्वामी ज्ञान विहार कालोनी निवासी आकाश चौहान और चक्कर चौराहा निवासी तुषार कुमार को पकड़ने के लिए दबिश दी। आरोपियों के परिवार के लोग भी घर पर नहीं है। ऐसे में इनके रिश्तेदारों के घर पर भी पुलिस पहुंची। बता दे कि कोडीनयुक्त सिरप का उत्पादन हिमाचल प्रदेश में हुआ। जिसे गाजियाबाद की कैडिज लाइफ साइंस कंपनी ने इस लाइकेरेक्स-टी सिरप को अलग अलग जगहों पर सप्लाई किया। बिजनौर में शिवशक्ति बालाजी मेडिकोज और एसवी मेडिकल स्टोर पर भी गाजियाबाद से इस सिरप की आपूर्ति की गई थी। इन दोनों मेडिकल स्टोर से सिरप को प्रदेश के अन्य जिलों और जम्मू कश्मीर में भेजा गया था। औषधि निरीक्षक ने इन दोनों मेडिकल स्टोर के स्वामियों के खिलाफ केस दर्ज कराए थे। पुलिस ने शिव शक्ति बाला मेडिकोज केस से जुड़े आरोपी शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव मंगोलपुरा निवासीगण निवासी अरुण कुमार व ऋषभ, शहर के साहित्य विहार निवासी शिवांशु सिंह और नहटौर क्षेत्र के गांव जरीफपुर निवासी पुनीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अब तुषार और आकाश को पकड़ने के लिए पुलिस ने आदोपुर, धामपुर और शिवालाकलां क्षेत्र में दबिश दी। दबिश देकर आरोपियों के रिश्तेदारों को हिरासत में लिया है, जिनसे आरोपियों के बारे में पूछताछ की गई। एएसपी सिटी डाॅ. कृष्ण गाेपाल सिंह ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।