बिजनौर, स्योहारा। गन्ना समिति संचालक पद के लिये नामांकन करते समय भाजपा समर्थिक सभापति प्रत्याशी ने फार्म जमा करने पहुंचे दूसरे प्रत्याशी का फार्म छीन कर आरओ के सामने फाड़ दिया। जिसको लेकर दोनों पक्षो में जमकर हंगामा हुआ। मामला बढ़ता देख प्रशासन ने दूसरा फार्म खरीदवा कर पुनः फार्म भर कर जमा कराया।
गन्ना प्रबंध समिति सदस्य चुनाव के बाद बृहस्पतिवार को 11 सर्किल के संचालक पद के लिये नामांकन फार्म भर कर जमा होने थे। ज्यादातर संचालक पद हेतु एक ही फार्म जमा कराया गया था। ग्राम भगवानपुर रैनी व स्योहारा आदि सर्किल में भाजपा समर्थित संचालक पद प्रत्याशी के अलावा अन्य लोग भी फार्म भर कर जमा करना चाहते थे। दोपहर एक बजे के बाद आरओ विकास अग्रवाल व एआरओ दिनेश सिंह ने फार्म जमा कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कराई।
भाजपा समर्थित सभापति प्रत्याशी सुशील कुमार उर्फ बंटी को सभापति बनने के लिए पहले निर्विरोध संचालक बनना है। लेकिन भाजपा सभापति प्रत्याशी सुशील कुमार बंटी के सामने संचालक पद हेतु ग्राम भगवानपुर रैनी निवासी भारत सिंह विश्नोई ने फार्म भर कर जैसे ही आरओ विकास अग्रवाल को फार्म जमा करने को दिया तभी सुशील कुमार ने फार्म छीन कर फाड़ दिया। जिसके बाद भारत सिंह विश्नोई के समर्थकों ने जमकर हंगामा करते हुए प्रशासन पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
मामला बढ़ने पर प्रशासन ने भारत सिंह विश्नोई को दूसरा फार्म देकर पुनः फार्म भरवा कर जमा कराया। वहीं स्योहारा सर्किल में भाजपा समर्थित संचालक प्रत्याशी दिनेश सिंह के सामने ग्राम जमापुर निवासी पूर्व प्रधान राकेश कुमार उर्फ भोले प्रधान ने फार्म जमा कर दिया है।
- चुनाव में ड्यूटी लगने के बाद भी ग्राम विकास अधिकारियों को घुसने नहीं दिया
स्योहारा। गन्ना समिति प्रांगण में संचालक पद के चुनाव हेतु 11 सर्किल के लिए अलग अलग 11 ग्राम विकास अधिकारियों को तैनात किया गया था। सभी ग्राम विकास अधिकारी समय पर गन्ना समिति कार्यालय पहुंचे मगर किसी भी ग्राम विकास अधिकारी को अंदर नहीं घुसने दिया। इस दौरान जब आरओ विकास अग्रवाल से बात की गयी तो उनका कहना था कि मुझे जानकारी नहीं है किसकी ड्यूटी लगी है। शाम चार बजे सभी ग्राम विकास अधिकारी गन्ना समिति कार्यालय पहुंचे जिसके बाद तुरंत ही लौट गए।
खंड विकास अधिकारी राम कुमार का कहना है कि सभी ग्राम विकास अधिकारी समय पर गन्ना समिति कार्यालय पहुंच गये थे लेकिन वहां उनको अंदर नहीं जाने दिया गया था जिसके बाद सभी ग्राम विकास अधिकारी काफी समय तक बाहर खड़े होकर वापस लौट आए।