गंगा में समा गई एक हजार बीघा जमीन
बिजनौर। गंगा किनारे कटान निरोधी कार्य करके ही गंगा से होने वाले कटान को रोका जा सकता है। जब तक कटान निरोधी कार्य नहीं होंगे तब तक गंगा ऐसे ही खेती की जमीन का कटान करती रहेगी। इस बार भी गंगा 100 हेक्टेयर यानि एक हजार बीघा से ज्यादा जमीन काट चुकी है। कटान निरोधी कार्य कराने के लिए डीएम की ओर से शासन को पत्र लिखा गया है। कटान निरोधी कार्य कराने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर बजट अवमुक्त करने की मांग की गई है। फतेहपुर सभाचंद की ओर तो गंगा का कटान इतनी तेजी से हुआ कि गांव के पास बना स्कूल भी गंगा की जद में आ चुका है।
गंगा किनारे कई साल से गंगा कटान कर रही है। गंगा का कटान रोकने के लिए समय समय पर स्टड बनाए जाते हैं, लेकिन ये स्थायी नहीं होते हैं। अगर कहीं स्टड बन जाते हैं तो गंगा दूसरी ओर कटान करना शुरू कर देती है। कटान को रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से अपनी ओर कुछ साल पहलेे कटान निरोधी कार्य कराने से अब पानी का सारा जोर यूपी की ओर ही रहता है। इस साल भी गंगा गांव फतेहपुर सभाचंद और सीमली की ओर तेजी से कटान कर रही है। फतेहपुर सभाचंद की ओर तो गंगा का कटान इतनी तेजी से हुआ कि गांव के पास बना स्कूल भी गंगा की जद में आ चुका है।
गांव के परिषदीय स्कूल की बाउंड्रीवॉल और शौचालय कटकर गंगा में बह चुके हैं। गंगा में अब तक 100 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन काटकर बह चुकी है। इसमें सरकार और किसान दोनों की जमीन शामिल हैं। गंगा के कटान को स्टड बनाकर रोकने में कामयाबी नहीं मिल पा रही है। डीएम कार्यालय द्वारा कटान निरोधी कार्य कराने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि गंगा से होने वाले कटान को रोकने के लिए कटान निरोधी कार्य कराना जरूरी है। इसके लिए 61 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। इसका बजट मंजूर नहीं हुआ है। बजट को जल्दी मंजूरी दिलाने की मांग की गई है।
यहां कटान करती है गंगा
गंगा गांव कुंदनपुरी, टीप, फतेहपुर, सीमली, मिर्जापुर, कोहरपुर, राजारामपुर, रघुनाथपुर, डैबलगढ़, चाहड़वाला, वीरूवाला, रावली, ब्रह्मपुरी, सुक्खापुर, सैफपुर, सिकहाबाद, सीमली खुर्द, स्योहारा, मानवाला, मीरापुर, औरंगाबाद, शकूरपुर उर्फ गीदड़पुरा, बादशाहपुर, मानशाहपुर, भोगपुर, शहजादपुर, इच्छावाला आदि गांवों में कटान करती है। फतेहपुर सभाचंद गांव तो कटान की वजह से उजड़कर दूसरी जगह बस रहा है। गंगा कटान रोकने के लिए 2004 में प्रस्ताव बना था, लेकिन मंजूरी पिछले साल ही मिली थी। अब पैसा मिलने का इंतजार है। पैसा मिलने के बाद ही काम शुरू होगा। कहीं गांवों के किनारे कटान रोकने के लिए तुरंत काम कराने को भी समय से पैसा नहीं मिलता है। इस साल ऐसे स्टड बनवाने के लिए करीब ढाई करोड़ का बजट मांगा गया था, लेकिन मिले हैं केवल 20 लाख। तहसीलदार प्रीति सिंह के अनुसार अभी तक 100 हेक्टेयर तक जमीन कटी है। इस पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है। वहीं, सिंचाई विभाग के एक्सईएन राकेश कुमार के अनुसार प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। वहां से बजट मिलने पर काम शुरू हो पाएगा।
मंडावर के गांव फतेहपुर सभाचंद में 21 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय से की बाउंड्री तक पहुंची गंगा। (फा?- फोटो : BIJNOR
मंडावर के गांव फतेहपुर सभाचंद में 06 सितंबर को कटान करती हुई को प्राथमिक विद्यालय तक पहुंची गंगा।- फोटो : BIJNOR