धामपुर तहसील में नायब तहसीलदार को ज्ञापन देते भाकियू भानू के कार्यकर्ता।
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गन्ना समितियों के अधिकारियों पर लूट खसोट कराने का आरोप
धामपुुर। भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ताओं की शुक्रवार को तहसील परिसर में हुई बैठक में गन्ना समितियों और विभाग के अधिकारियों पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि अधिकारियों की वजह से चीनी मिलों द्वारा मिल गेट और गन्ना सेंटरों पर जमकर गन्ना घटतौली की जा रही है। किसानों के हिमायती बने गन्ना समिति के अधिकारी घटतौली रोकने में रुचि नहीं ले रहे हैं। अधिकारी सिर्फ छापा मारने की बात कह रहे हैं। लेकिन घटतौली पकड़ में नहीं आ रही। किसानों ने गैर हाजिर रहने वाले गन्ना समिति के बाबुओं को हटाने की मांग की। चेताया कि उनकी मांग को नहीं माना तो आंदोलन होगा।
शुक्रवार को तहसील में हुई बैठक में ब्लाक अध्यक्ष हरिराज सिंह जाट ने आरोप लगाया कि चीनी मिलों से गन्ना समितियों के बाबू ही घटतौली करा रहे हैं। गन्ना क्रय केंद्रों से समिति का बाबू अनुपस्थित रहता है। जो किसानों के लिए चिंता कारण बना है। जब बाबू सेंटरों पर ड्यूटी नहीं कर रहे हैं तो उन्हें वहां हटाकर दूसरे कार्यों में लगा दिया जाएगा। ऐसा नहीं हुआ तो कार्यकर्ता सचिव का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। लेखराज सिंह ने कहा कि गन्ना विभाग की ओर से किसानों के ऊपर तो सभी प्रकार के नियम लागू कर दिए गए है। लेकिन किसानों को 14 दिन के भीतर उनका गन्ना मूल्य भुगतान कराने में फेल हैं। चीनी मिल की ओर से समितियों को देर सवेर भुगतान किया जा रहा है तो समितियों की ओर से उस पेमेंट को 10-10 दिन बीतने के बाद भी किसानों के खातों में नहीं भेजा जा रहा है। किसानों ने चीनी मिल से सीधे किसान के खातों में गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की मांग की है। प्रेमराज सिंह का कहना है कि विद्युत निगम की ओर से गांव सतवई में बिजली के खंभे तो लगा दिए। पर तार खींचकर बिजली आपूर्ति आज तक नहीं हुई। विडंबना है कि फिर भी निगम ने लोगों के घरों पर मीटर लगा बिजली के अनाप शनाप बिल जारी कर दिया है। किसानों ने आवारा गोवंशीय पशु को पकड़वाने, गुलदार को पकड़वाकर वनों में छुड़वाने, छोटे किसानों की पर्चियों को जल्द जारी कराने, किसानों को 18 हजार रुपये मासिक पेंशन दिलाने, महाशिवरात्रि पर्व से पहले बदहाल मार्गों की मरम्मत कराने की मांग की है। बैठक में दलीप सिंह, देशराज सिंह, शमीम, विजयपाल सिंह, महीपाल, महेश चंद, अली मौत्तर, खूब सिंह, राम सिंह, संतोष कुमार रहे। संचालन लेखराज सिंह ने किया।