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अब देहात के दुकानदारों को भी लेना होगा लाइसेंस

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अब देहात के दुकानदारों को भी लेना होगा लाइसेंस
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बिजनौर। अब देहात क्षेत्रों में किराना की दुकान करने वाले लोगों को भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से लाइसेंस लेना होगा। बिना लाइसेंस दुकान करने वालों पर वाद दायर कराया जाएगा और उन्हें जुर्माना भी देना होगा। दुकानदार को ऑनलाइन विभाग की वेबसाइट पर 100 रुपये निर्धारित फीस जमा करनी होगी। संबंधित क्षेत्र का खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौके पर जाकर दुकान का निरीक्षण करेगा। उसके बाद विभाग की ओर से लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। वर्तमान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग अभियान चलाकर लाइसेंस देने का काम कर रहा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम जनमानस को सुरक्षित खाद्य और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब गांव-देहात क्षेत्रों के किराना आदि की दुकानदारों के लिए भी लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है। इससे पूर्व अभी तक गांव के दुकानदार बिना लाइसेंस के ही अपना कारोबार करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। लाइसेंस लेकर कारोबार करने पर संबंधित खाद्य पदार्थ विक्रेता की जिम्मेदारी तय हो जाती है। इससे खाद्य अथवा पेय पदार्थ में किसी प्रकार की मिलावट आदि की शिकायत होने पर दुकानदार से कहा जा सकता है।
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आवेदक को विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद संबंधित क्षेेत्र का खाद्य सुरक्षा अधिकारी दुकानदार के पते पर पहुंचेगा और निरीक्षण के लिए डिटेल लेकर सिस्टम पर अपडेट करेगा। एक सप्ताह के भीतर विभाग से लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के जिला अभिहीत अधिकारी पंकज कुमार के अनुसार शासन ने गांव के दुकानदारों को भी लाइसेंस देने के लिए अभियान चलाकर उन्हें जागरूक करने का निर्देश दिया है। बिना लाइसेंस बनवाए कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि जिन कारोबारियों की वार्षिक टर्नओवर 12 लाख से कम है उन सभी का लाइसेंस 100 रुपये ऑनलाइन फीस जमा करने के बाद संबंधित तहसील के फूड इंस्पेक्टर बनाते हैं। इससे ऊपर की टर्नओवर वाले कारोबारियों को जिला अभिहीत अधिकारी के यहां से ऑनलाइन दो हजार रुपये और निर्माण इकाई के लिए तीन हजार रुपये ऑनलाइन फीस जमा कर लाइसेंस बनाए जाते हैं। संवाद
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