बिजनौर में विकास भवन में जैविक उत्पादों के लगे स्टॉल देखते अतिथिगण।
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किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया
बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा ने उपनिदेशक कृषि गिरीश चंद को अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। कहा कि जैविक खेती भविष्य की खेती है। जैविक खेती करने वाले किसानों को लाभ हो रहा है।
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित भारत भूषण त्यागी ने कहा कि जब तक किसान की क्रय शक्ति नहीं होगी वह केवल फसल ही उगा सकता है। कृषि उत्पादक संगठन से किसान अपनी क्रय शक्ति बढ़ा सकते हैं और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जमीन की उर्वरा शक्ति घटाए बिना फसलों का अच्छा उत्पादन लेना जैविक खेती है। जीरो बजट खेती भी इसे ही कहते हैं। कहा कि अगर व्यायाम भी करें और दूषित खाद्यान्न खाएं तो व्यायाम का कोई लाभ नहीं रह जाता है। डीएम ने कहा कि किसानों को जैविक फसलों का अच्छा मूल्य मिलना चाहिए।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र को गांवों का भ्रमण कर किसानों व आम नागरिकों को पराली, कृषि अवशेष अथवा कूड़ा जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुक़सान तथा वायु प्रदूषण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से अवगत कराने के निर्देश दिए। कहा कि जैविक उत्पादों का बहुत ही विस्तृत बाजार है और सामान्य उत्पादों की तुलना में जैविक उत्पादों के अधिक मूल्य होने के बावजूद उनकी बहुत ज्यादा मांग है। डीएम ने जैविक खेती के उत्पादों के स्टाल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सीडीओ केपी सिंह, मुरादाबाद दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड दलपतपुर के चेयरमैन प्रदीप कुमार चौधरी आदि मौजूद रहे।