कान्हा गोशाला में अधिकांश गोवंशीय पशु कमजोर
धामपुर। शेरकोट में स्थित कान्हा गोशाला में गोवंशीय पशुओं की उचित देखभाल नहीं हो रही है। भरपेट चारा न मिलने के कारण अधिकांश पशु कमजोर हो गए हैं जबकि कई पशु बीमारी से ग्रसित हैं।
शेरकोट में सरकार के आदेश पर कान्हा गोशाला का निर्माण तीन साल पहले हुआ था। गोशाला में 150 पशुओं को मानक अनुरूप आश्रय देने का प्रावधान है। जबकि वर्तमान में सिर्फ 139 पशु ही यहां पर आश्रय लिए हुए हैं। पशुओं की देखभाल करने के लिए तीन लोगों की तैनाती है। जिनका पशुुपालन विभाग की ओर से परीक्षण कर उनका उपचार किया जा रहा है। लेकिन देखभाल के अभाव में गोवंश कमजोर और बीमार हो रहे हैं। वर्तमान में भी दो गायें बीमार हैं।
गोशाला देखभाल में लगे पालिका कर्मचारी पोखर सिंह, राम कुमार सिंह, नरेश कुमार ने बताया कि यहां पर काम करने वाले मजदूूरों का टोटा है। कम से कम सात मजदूर होने चाहिए। पर पालिका की ओर से काम केवल तीन कर्मियों से लिया जा रहा है। गोशाला की जिम्मेदारी पालिका के ईओ को सौंपी गई है। पालिका द्वारा ही पशुओं के चारे, पानी की व्यवस्था की जाती है। पर पालिका की ओर से जो चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। वह पशुओं के हिसाब से कम है।
नियमित रूप से होती देखभाल: एके शर्मा, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, धामपुर
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार शर्मा का कहना है कि उन्हें नोडल अधिकारी बनाया गया। वह नियमित रूप से पशुओं की देखभाल करने को जरूर जाते हैं। जहां कमी नजर आती है। उसे दूर कराने का प्रयास किया जाता है। पशुओं को नियमित रूप से गुड़ चोकर व संतुलित आहार के रूप में चारा मिलना चाहिए। उधर ईओ धर्मराज से प्रयास करने के बाद भी वार्ता नहीं हो सकी है।