सरकारी स्कूलों का सुंदरीकरण कराएंगे कई विभाग
बिजनौर। जिले के सरकारी स्कूलों शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक अच्छी खबर है। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जनपद के करीब करीब सभी विद्यालयों की कायापलट होगी। जिले के कई महकमे इन विद्यालयों का सुंदरीकरण कराएंगे, जिससे छात्र-छात्राओं को अच्छा माहौल मिलेगा। इस योजना में शहरी क्षेत्र के केवल 64 विद्यालय ही शामिल हैं, बाकी सभी ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों का इस सूची में नाम है।
सरकार की मंशा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 14 साल तक के सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा ग्रहण कराई जाए। विद्यालयों में बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। जनपद में कुल 2123 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें 1358 प्राथमिक और शेष 765 पूर्व माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। अफसरों की मानें तो दस पैरामीटर पर इन विद्यालयों का सुंदरीकरण होना है। इनमें पार्क, अच्छे क्लास रूम, रंगाई-पुताई, शुद्ध पेयजल आदि की व्यवस्था कराना और शौचालय का निर्माण कराना है। यदि ऐसा हुआ तो वह दिन दूर नहीं जब सरकारी स्कूल भी प्राइवेट स्कूलों की चमक जाएंगे, जिससे छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने में अच्छा लगेगा और जो लोग सरकारी स्कूलों से दूरी बनाते हैं वे भी अपने बच्चों को इन विद्यालयों में भेजने को विवश होंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयकरन यादव ने बताया कि इन सभी सरकारी स्कूलों के कायापलट कराने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभागों को सौंपी गई है। इनमें से छह विनियमित क्षेत्र को, आठ नगर पालिका को और शेष का कार्य जिला पंचायत राज अधिकारी को कराना है। इस योजना में केवल 64 विद्यालय ही शहरी क्षेत्रों के हैं, अन्य सभी ग्रामीण अंचलों में स्थित हैं। उन्होंने बताया कि जिन विभागों को इन विद्यालयों को दुरुस्त कराने का दायित्व सौंपा गया है, वे अपने स्तर से काम करा रहे हैं।
जलभराव और अन्य समस्याओं से मिल जाएगी निजात
लोगों की मानें तो वर्तमान में सरकारी स्कूलों की स्थिति पर नजर डालें तो इनकी हालत बहुत ज्यादा ठीक नहीं है। हालांकि कोरोना महामारी के चलते शासन ने विद्यालयों को खोलने की अनुमति दी है, लेकिन हालात ठीक होने पर जब ये स्कूल खुलेंगे तो कायाकल्प होने के बाद इनकी स्थिति में काफी सुधार हो जाएगा। जहां पर पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है, वहां पर शुद्ध पेयजल मिलेगा तो पार्क और शौचालय आदि भी दुरुस्त मिलेंगे।