अफजलगढ़ के गांव महावतपुर में पिंजरे में कैद गुलदार। स्रोत वन विभाग
नगीना/अफजलगढ़ । नगीना क्षेत्र के गांव सैदपुरी महीचंद तथा अफजलगढ़ के गांव महावतपुर में लगाए गए पिंजरों में दो गुलदार कैद हो गए। दोनों गुलदारों को लुभाने के लिए पिंजरे में मुर्गा रखा गया था। उसके लालच में दोनों गुलदार पिंजरे में फंस गए।
नगीना वन रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह किसी ग्रामीण ने सूचना दी कि क्षेत्र के ग्राम सैदपुरी महीचंद में लगे पिंजरे में एक गुलदार कैद हो गया है। वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो करीब छह साल का नर गुलदार पिंजरे में बंद मिला। करीब एक सप्ताह पूर्व ग्रामीणों द्वारा गांव में गुलदार की मौजदूगी की सूचना देने के बाद गांव में दीपू के खेत पर पिंजरा लगाया गया था।
पिंजरे में कभी बकरी, कभी मुर्गे को रखा गया। वर्तमान में मुर्गे के लालच में गुलदार पिंजरे में फंस गया। ग्रामीणों की मदद से गुलदार को कृषि विज्ञान केंद्र में रखा गया है। उच्च अधिकारियों से दिशा निर्देश मिलने के बाद उसे चिड़ियाघर भेजा जाएगा।
उधर, अफजलगढ़ के गांव महावतपुर में चार दिन पूर्व सोमवती देवी इंटर काॅलेज की दीवार पर बैठा नजर आया गुलदार भी पिंजरे में कैद हो गया। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने कॉलेज के समीप गुलदार की गुर्राहट सुनी। सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए। वन विभाग की टीम ने गुलदार को पिंजरे सहित कब्जे में ले लिया। यहां भी पिजरे में मुर्गा रखा गया था। नगीना रेंजर ने बताया कि पिंजरे में कैद गुलदार मादा है, जिसकी उम्र करीब 5-6 वर्ष है। गुलदार को पीलीडैम ले जाया गया है।
उन्होंने बताया कि गुलदार स्वस्थ प्रतीत हो रहा है फिर भी उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। वन दरोगा सतबीर सिंह ने बताया कि गुलदार को लुभाने के लिए मुर्गा रखा गया था। करीब 15 के करीब गुलदार मुर्गे द्वारा ही पकड़े गए हैं।