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पंचायतों की जांच चार माह में भी नहीं हुई पूरी

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चार माह में 25 गांवों की ही पूरी हो पाई जांच, सभी को क्लीन चिट
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बिजनौर। ग्राम पंचायतों में प्रशासक कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों की प्रशासनिक जांच करीब चार माह बाद भी पूरी नहीं हुई है। 114 में से जिन 25 ग्राम पंचायतों की जांच हुई हैं, उनमें भी सभी को क्लीन चिट दे दी गई है। बाकी जांच अभी लंबित है। 89 पंचायतों की जांच लंबित हैं।
पंचवर्षीय योजना 2015 के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए गए थे। प्रशासकों का कार्यकाल 26 दिसंबर 2020 से 18 जून 2021 तक रहा। इस दौरान 15 वें वित्त आयोग से पंचायतों को विकास कार्यों को खूब पैसा आवंटित हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासक कार्यकाल की अवधि में विकास कार्य कराने के नाम पैसे की बंदरबांट होने के आरोप लगाए। अनियमितताओं की शिकायत शासन तक पहुंची। शासन ने सख्ती दिखाते हुए प्रशासक कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों की जांच कराने के निर्देश दिए।
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मामले में कमिश्नर के जांच के आदेश आने पर डीएम ने रैंडम आधार पर 106 ग्राम पंचायतों का चयन कराकर जांच टीम बना दी। जांच टीमों में जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा पीडब्ल्यूडी, आरईएस, जलनिगम और लघु सिंचाई के तकनीकी अधिकारी शामिल किए गए थे। हर टीम को अधिकतम तीन पंचायत जांच को दी गई थी। पंचायतीराज विभाग के अनुसार आठ पंचायतों के विकास कार्यों की जांच शासन से आई। इस प्रकार कुल 114 पंचायतों की जांच होनी थी।
शासन के निर्देश पर शुरू हुई जांच की चाल बेहद सुस्त रही। पंचायतीराज विभाग के अनुसार अभी तक शासन के निर्देश पर आठ ग्राम पंचायतों की जांच में से पांच पंचायतों की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। डीएम द्वारा चयनित 106 ग्राम पंचायतों में से मात्र 20 पंचायतों की जांच रिपोर्ट आई है।
सभी ब्लॉक की जांच अधूरी
डीएम द्वारा चयनित पंचायतों में सबसे अधिक 13 पंचायतों की जांच नजीबाबाद ब्लॉक में होनी थी। कोतवाली ब्लॉक में 12 , मोहम्मदपुर देवमल , नूरपुर, जलीलपुर ब्लॉक में 10-10 पंचायत की, धामपुर, हल्दौर, नहटोर तथा अफजलगढ ब्लॉक में नौ-नौ, स्योहारा ब्लॉक में आठ और किरतपुर ब्लॉक में सात पंचायतों की जांच होनी थी। बताया जाता है कि सभी ब्लाक में जांच लंबित है।
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ये थे जांच के बिंदु
प्रशासक कार्यकाल में कराए गए निर्माण कार्यों
-पंचायत की साफ-सफाई ,मेरा गांव स्वच्छ गांव अभियान की स्थिति
-स्वास्थ्य उपकेंद्र वह आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति
-दूसरे विभाग के अफसर कर रहे जांच
डीपीआरओ सतीश कुमार का कहना है कि जांच टीम में दूसरे विभाग के अधिकारी शामिल हैं। जांच उन्हें करनी है। बीच-बीच में अन्य प्रशासनिक कार्यों का भी दबाव अधिकारियों पर रहा है। अभी तक जिन पंचायतों की जांच रिपोर्ट आई है, उनमें कोई अनियमितता सामने नहीं आई है। जांच रिपोर्ट जल्द देने को स्मरण पत्र भेज दिए हैं।
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