गांव में विलाप करते मृतक के परिजन।
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नूरपुर में गांव जियनंगला में करंट की चपेट में आकर मरे चारों युवक मजदूरी करके जीवन यापन करते थे। मृतकों में मुकेश की शादी हो चुकी है और उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। अन्य युवकों की अभी तक शादी नहीं हुई है। मृतकों में जयदेव दिल्ली में लिफ्टमैन का काम करता था। कुछ दिन पूर्व ही वह गांव आया था। मुकेश व महेश दोनों सगे भाई हैं। मोनू भी मजदूरी का ही काम करता था। घायल हुए परवेंद्र व अन्य मृतकों के खेतों की सिंचाई टेकचंद व इस लाइन से जुड़े तीनों नलकूपों से होती थी। खेत में तार काफी नीचे लटके होने के कारण हमेशा हादसे का भय बना रहता था। बुधवार को पांचों रस्सा आदि लेकर लाइन खींचने के लिए गए थे कि अचानक बिजली आने से चार की मौत हो गई।
नहीं खींचे लटके तार
नूरपुर। बिजली के लटके तारों को खींचने को ग्रामीणों ने कई बार बिजली निगम के कर्मचारियों से गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामवासियों की माने तो जंगल में कई जगह तार जर्जर हालत में नीचे लटके हुए हैं, जिनसे हर समय हादसे का भय बना रहता है। बिजली निगम द्वारा कोई सुनवाई न होने के कारण ग्रामवासी खुद ही तार खींच रहे थे और यह हादसा हो गया।
कटौती में कस रहे थे तार
नूरपुर। सवेरे आठ बजे से 12 बजे तक बिजली का कट रहता है। इसी समय ये लोग तार खींच रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि पावर कट के दौरान लाइट नहीं आएगी। दुर्भाग्य की इनका सोचना गलत हुआ और कट के दौरान बिजली आ गई।
नहीं लिया था शट डाउन
नूरपुर। तार खींचने के लिए मृतकों द्वारा बिजलीघर से शट डाउन नहीं लिया गया था। उपखंड अधिकारी राहुल गुप्ता, व फैजपुर बिजलीघर पर तैनात अवर अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि विजयनंगला में पहले नूरपुर से बिजली की आपूर्ति की जाती थी। दो सप्ताह पूर्व ही हंसुपुरा में नए बने बिजलीघर से उक्त गांव को जोड़ा गया था। बिजलीघर पर किसी भी ग्रामीण ने तार लटके होने की शिकायत दर्ज नहीं कराई थी और न ही तार खींचने के लिए शट डाउन लिया गया था। उधर, गांव पहुंचे भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा ने भी मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
विधायक ने किया हरसंभव मदद दिलाने का वादा
नूरपुर। क्षेत्रीय विधायक लोकेंद्र चौहान मृतकों के घर पहुंचे और सांत्वना देते हुए परिजनों को शासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। विधायक ने बताया कि अधिकारियों को मृतक के परिजनों से मिलकर सहायता राशि दिलाने में मदद करने के निर्देश दिए हैं। वह खुद भी अधिक से अधिक मदद दिलाने का प्रयास करेंगे।