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Bijnor News: चप्पल बनानी थी, ऋण पाने को चप्पल ही घिस गई

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- बैंकों से युवाओं को इकाई शुरू करने के लिए नहीं मिल रहा ऋण
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- 1580 युवाओं को आवेदन के बाद भी नहीं मिला ऋण
बिजनौर। जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में, गांव तक वो रोशनी आएगी कितने साल में... जनकवि अदम गोंडवी की यह लाइन उन युवा उद्यमियों की व्यथा को चरितार्थ कर रहीं हैं, जो बैंक ऋण के भरोसे उद्यमी बनने का सपना देख रहे थे। सरकार ने युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए सीएम युवा उद्यमी विकास योजना शुरू की। फाइलों और नियमों के चलते अभी तक 1580 युवाओं को इकाई शुरू करने के लिए बैंकों से ऋण ही नहीं मिला। इनमें एक मामला छितावर की अनीता का भी है, जिसने चप्पल बनाने की इकाई लगाने का सपना देखा। नियमों का जाल इस कदर फैला की ऋण पाने को एक साल से चक्कर लगाते-लगाते अनीता की चप्पल ही घिस गई।
जिले में सत्र 2025-26 में अब तक योजना के तहत 2650 लोगों ने आवेदन किए। इनमें से 1070 लोगों को बैंकों ने ऋण स्वीकृति दे दी है। इनमें से 1060 लोगों को ऋण वितरण कर दिया गया है। जबकि, 1580 युवा योजना के तहत ऋण नहीं मिलने से अपनी इकाई स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। एक तरफ तो युवाओं को उद्यमी बनाने का दावा किया जा रहा है लेकिन बैंकों की लापरवाही के चलते स्टार्टअप शुरू करने में परेशानी है। युवा ऋण स्वीकृति के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
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उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के तहत ऋण वितरण करने को लेकर बैंकों के साथ डीएम की बैठक हुई। डीएम ने बैंकों को प्रतिमाह दो फाइल स्वीकृत करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद भी बैंक मैनेजर योजना को लेकर कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
योजना में युवा उद्यमियों को मिल रहा ये लाभ
-पांच लाख रुपये तक का 100 प्रतिशत ब्याजमुक्त एवं बिना गारंटी ऋण
-चार साल में जमा करने पर परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत सब्सिडी
-छह महीने के बाद मूलधन की वापसी शुरू
-पांच लाख रुपये तक ऋण लेने के लिए खाते में श्रेणीवार अंशदान जमा करना जरूरी है। एससी श्रेणी में 10 प्रतिशत, ओबीसी में 12.5 प्रतिशत, सामान्य श्रेणी के लिए 15 प्रतिशत अंशदान जरूरी है।
योजना के लिए ये है पात्रता
- न्यूनतम 8वीं पास और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
- आवेदक की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए
- इच्छुक युवा ऑनलाइन माध्यम से msme.up.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं
केस नंबर एक
एक साल से चक्कर काट रही अनीता
बिजनौर के गांव छितावर निवासी अनीता ने करीब एक साल पहले ऋण के लिए सीएम युवा उद्यमी विकास योजना में आवेदन किया था। चप्पल बनाने की मशीन के लिए साढ़े तीन लाख रुपये ऋण की फाइल तैयार हुई। बैंक वालों ने एक हजार रुपये के स्टांप फाइल में लगवाए। पंजाब नेशनल बैंक अधिकारी खाते में 35 हजार होने पर ऋण देने की बात कह रहे हैं।
केस नंबर दो
बैंकों के चक्कर काटे, पर नहीं मिला ऋण
नगीना निवासी शादमानी परवीन ने बताया कि बुटिक शुरू करने का सपना है। इसके लिए छह महीने पहले आवेदन किया। बैंक वाले विजिट कर चुके हैं लेकिन ऋण नहीं मिला। बैंक वाले कुछ भी नहीं बता रहे हैं। ऐसे में अपना बुटिक शुरू करने का सपना कैसे पूरा होगा, यह सवाल परेशान कर रहा है।
केस नंबर तीन
एक किस्त मिली, दूसरी का इंतजार
नगीना निवासी निर्देश ने करीब आठ महीने पहले पार्लर शुरू करने के लिए योजना में ऋण के लिए आवेदन किया। मगर, अभी सिर्फ 80 हजार की एक ही किस्त आई है। दूसरी किस्त नहीं आई है। पार्लर शुरू करने का सपना अभी भी अधूरा है।
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वर्जन::
बैंक सीएम युवा उद्यमी विकास योजना के तहत ऋण देने में ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहे हैं। आवेदन के बाद फाइल को ऋण स्वीकृति के लिए बैंक को भेज दी जाती है। सभी बैंकों के मैनेजर के साथ दोबारा बैठक की जाएगी। - बलराज सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग, बिजनौर
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