नांगलसोती-बालावाली रेलवे पुल के निकट खेतों का कटान करती गंगा नदी।स्रोत-किसान
नांगलसोती/चंदक (बिजनोर)। उत्तराखंड से निकलने के बाद नांगल सोती से उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाली भागीरथी (गंगा) अपने भयानक रूप में है। बालावाली रेलवे पुल से करीब 500 मीटर पहले गंगा तेजी से भूमि कटान कर रही है। सैकड़ों बीघा खेत और रेलवे स्टेशन के पास स्थित बाग के करीब 15 पेड़ भी पानी के बहाव में समा गए। रेल विभाग कटान को रोकने के लिए जुटा हुआ है।
पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्र में बारिश होने से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बालावाली रेलवे पुल से उत्तर दिशा की ओर पिछले कई दिनों से भूमि का कटान हो रहा है। मंगलवार को बड़े पैमाने पर मिट्टी का कटान हुआ। गंगा किनारे गंगा ग्लास फैक्टरी के मालिक कपिल दत्त शर्मा का आम का बाग है। बाग के लगभग 15 पेड़ जमीन सहित गंगा में बह गए। क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने की फसल भी गंगा की भेंट चढ़ गई। बड़े पैमाने पर नष्ट होते खेतों और फसलों से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
कटान के डर से किसान अपने पेड़ खुद ही ही काटने में लगे हुए हैं। बीते दो दिन में किसानों ने करीब 30 बीघा जमीन में खड़े पेड़ों को काट लिया। कटान पुल की ओर न बढ़े, इसके लिए रेलवे द्वारा सीमेंट के पिलर जेसीबी से लगातार पानी की धार में गिराए जा रहे हैं।
भूमि कटान न रुका तो हो सकती तबाही
गंगा की धार से हो रहा भूमि कटान यदि नहीं रुका तो तबाही मच सकती है। बालावाली से पहले गंगा करीब 500 मीटर तक पूर्व दिशा में भूमि कटान कर चुकी है। बालावाली रेलवे स्टेशन और ग्लास फैक्टरी की सीध में गंगा की धार आ चुकी है। रेलवे के पुल की ओर गंगा की धार बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए विभाग पूरे जतन कर रहा है।