छाछरी मोड़ के गांव सलेमपुर खादर में सड़क टूटने से बने गड्ढे पर डाले गए लोहे के पाइप के ऊपर से स
छाछरी मोड़। ग्राम सलेमपुर खादर के मौजा विजय नगर में गंगा का पानी बहने से ग्रामीण घरों की छत पर रहने को मजबूर हैं। कई दिनों से जलभराव के कारण ग्रामीणों के मकानों की दीवारें दरकने लगी हैं। कई मकानों की दीवारों में दरारें आने से ग्रामीण भयभीत हैं। एक पशुशाला की दीवार गिर गई।
अभी पहले हुआ जलभराव कम नहीं हुआ था कि सोमवार को फिर से गांव में गंगा का पानी बहने लगा। गांव के मौजा विजयनगर में जलभराव से बालकराम की पशुशाला की दीवार गिर गई। वहां बंधे पशु बाल-बाल बचे। ग्रामीण विशंभर के मकान की दीवारों में दरारें आ गईं। मीरपुर, सकीरी आदि के ग्रामीण पिछले दो सप्ताह से बाढ़ के पानी से बुरी तरह त्रस्त हैं। उनके मकान के चारों ओर गंगा का पानी भरा होने से ग्रामीण मकानों की छतों पर रह रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जल स्तर में कमी न होने से उनके सामने पशु चारे की समस्या बढ़ गई है। सलेमपुर खादर- जलीलपुर मार्ग पर बह रहे पानी से सलेमपुर खादर के पास कई फिट गहरा गड्ढा हो गया था। ग्रामीणों ने गड्ढे के ऊपर लोहे के पाइप डालकर अस्थायी रास्ता बनाया है। इन्हीं पाइपों पर चलकर ग्रामीण बच्चों को स्कूल भेजते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन ने समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
छाछरी मोड़ के गांव सलेमपुर खादर में सड़क टूटने से बने गड्ढे पर डाले गए लोहे के पाइप के ऊपर से स