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अधूरा पड़ा मकान, पॉलिथीन डालकर रह रहा परिवार

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मंडावली के गांव औरंगपुर बसंता निवासी जयदेव का अधूरा पड़ा आवास। - फोटो : NAZIBABAD
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अधूरा पड़ा मकान, पॉलिथीन डालकर रह रहा परिवार
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मंडावली। सरकार की मंशा गरीब परिवारों को मकान देने की थी, लेकिन सिस्टम की लापरवाही से मकान पर छत नहीं पड़ी। तीन वर्ष पहले पात्रों को मिली 50 हजार रुपये की पहली किस्त की मदद से मकान की दिवारें ही बन पाईं। दूसरी किस्त के लिए गरीब परिवार तीन वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि गरीब परिवारों को मकान की चहारदीवारी पर पॉलिथीन ढालकर रहना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड श्रम विभाग की आवास सहायता योजना के तहत राज्य के गरीब बीपीएल परिवार के श्रमिकों को घर बनाने के लिए दो किस्तों में एक लाख रुपये दिए जाने थे। मंडावली क्षेत्र के गांव औरंगपुर बसंता से पांच बीपीएल परिवारों का चयन योजना के लिए हुआ था। औरंगपुर बसंता निवासी बलराम सिंह, जयदेव सिंह, जोगिंदर सिंह, शरीफ अहमद, आसाराम आदि पात्रों को 2019 के जनवरी माह में 50 हजार रुपये की पहली किस्त मिली थी। जिससे पात्रों ने अपने कच्चे मकान तोड़कर पक्के मकान बनाने की कार्य शुरू कराया था।
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पहली किस्त से मकान की दीवारें तो तैयार हुई, लेकिन छत नहीं पड़ी। पात्रों का कहना है कि तीन वर्षों के इंतजार के बाद भी उन्हें दूसरी किस्त नहीं मिली। दूसरी किस्त के लिए वह श्रम विभाग के चक्कर काट रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि पांचों परिवारों को मकान की दीवारों पर पॉलिथीन ढालकर रहना पड़ रहा है। उधर, श्रम विभाग के लेबर ऑफिसर अरविंद कुमार का कहना है कि एक मकान के लिए करीब एक लाख रुपये श्रम विभाग की ओर से आना था। पहली किस्त पात्रों को मिली। दूसरी किस्त के लिए विभाग को रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है। विभाग के पास धनराशि नहीं होने के कारण यह मकान अधूरे पड़े हुए हैं। धनराशि आते ही मकानों के लिंटर डलवा दिए जाएंगे।

मंडावली के गांव औरंगपुर बसंता निवासी बलराम सिंह का अधूरा पड़ा आवास।- फोटो : NAZIBABAD

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