बिजनौर। पानीपत को सीधे गोरखपुर से जोड़ने वाला छह लेन एक्सप्रेस वे बिजनौर के 162 गांव से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे की परियोजना को धरातल पर उतारने की कवायद में निशानदेही हो चुकी है। नक्शा बनाकर तैयार कर लिया गया है, ड्रोन से सर्वे के जरिए निशान लगाए गए हैं।
फरवरी माह से ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी की अलग अलग टीम जिले में जगह-जगह माप तौल करने में लगी है। जिन गांव से हाईवे को होकर गुजरना है, उन गांव के खेत खेत पर पहुंचकर सर्वे किया जा रहा है। इसके साथ ही जमीन की गाटा संख्या, क्षेत्रफल और मालिकाना हक की डिटेल को भी एकत्रित किया जा रहा है। जमीन सरकारी है या निजी और कृषि है या कृषि, इसकी भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों की मानें तो जिन गांव की जमीनों से यह एक्सप्रेस वे होकर निकलेगा, उनके गाटा संख्या एकत्र कर लिए गए हैं। साथ ही माप तौल करते हुए निशान भी लगा दिए गए हैं। निशानदेही के लिए ड्रोन का भी सहारा लिया गया है। इतना ही नहीं नक्शा भी बनाकर तैयार कर लिया गया है।
डीपीआर भी तैयार
नेशनल हाईवे अथॉरिटी के सूत्रों के अनुसार पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए डीपीआर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। इस डीपीआर को नेशनल हाईवे के मुख्यालय भेजा गया है ताकि अंतिम रूप दिया जा सके।
नवंबर तक शुरू हो सकता है निर्माण
इस सड़क के निर्माण के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। फिलहाल निशानदेही के साथ डीपीआर और जमीन अधिग्रहण के लिए गाटा संख्या और क्षेत्रफल जुटाया जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि तमाम प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद नवंबर तक एक्सप्रेस वे का निर्माण भी चालू हो सकता है।