- समस्या का निदान न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान
धामपुर/शेरकोट। भाकियू टिकैत गुट के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शेरकोट में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया। चेतावनी दी कि समस्या का निदान न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आरोप लगाया कि रामगंगा कालागढ़ बांध प्रशासन की ओर से बगैर सूचना के पिछले दिनों नदी में पानी छोड़ दिया। जिससे नदी में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने से उनकी हजारों हेक्टेयर में लहलहाती गेहूं, सरसों, बरसीम और गन्ने की फसलें डूबने से बर्बाद हो गई।
भाकियू के ब्लाॅक अध्यक्ष अशोक चौहान के नेतृत्व में कार्यकर्ता शेरकोट में सिंचाई विभाग के कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां कार्यकर्ताओं ने विभाग के अधिकारियों पर बगैर सूचना के नदी में पानी छोड़ने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। अधिकारियों से फसलों के नुकसान की भरपाई की मांग की। बताया कि फसलों के डूबने से किसानों का करोडों का नुकसान हुआ है। जब तक उन्हें विभाग की ओर से उनकी फसलों का मुआवजा नहीं मिलेगा। आंदोलन जारी रहेगा।
कार्यकर्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह सैनी का आरोप है कि अफजलगढ़ चीनी मिल की ओर से विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रामगंगा नदी में केमिकलयुक्त प्रदूषित पानी को डाला जा रहा है। जिससे न केवल नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। बल्कि जमीन के बंजर बनने से भारी नुकसान हो रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारियों की ओर से कार्रवाई नहीं हो रही है। निजामुद्दीन चेयरमैन ने समस्या का निदान न होने पर आंदोलन को तेज करने की ऐलान किया। प्रदर्शन कर धरना देने वालों में तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह, चंद्रभान सिंह, हरिओम सिंह, नत्थू सैनी, रूपेश कुमार, नरेंद्र कुमार, कामेंद्र ,शीलचंद,करन सिंह आदि रहे। सिंचाई विभाग के दो अवर अभियंता कमलेश कुमार और विक्रांत सक्सैना किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्या का उच्चाधिकारियों को अवगत करा निदान कराने का प्रयास करने का भरोसा दिया। पर कार्यकर्ताओं ने सिरे से नकार दिया।
- पानी को बंद करा किसानों को शांत करने का प्रयास-कमलेश कुमार, जेई, सिंचाई विभाग मुरादाबाद
सिंचाई विभाग मुरादाबाद के जेई कमलेश कुमार ने बताया कि किसानों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। नदी में दो हजार क्यूसेक पानी चल रहा था। जिसे अब बंद करा दिया गया है।