आतंकी कनेक्शन तलाश रही एटीएस
शमीम सलमानी के बेटे जावेद की गिरफ्तारी होते ही असलहा की तस्करी के बिजनौर से तार जुड़ गए। जावेद ने सेना को बता दिया था कि उस तक पिस्टल उसके पिता ने ही पहुंचाया है। जिस वजह से उसके पिता को भी पकड़ लिया गया। पूछताछ के लिए एटीएस ने उसे नशे की दवाई तक खिलाई है। जिसके बाद उसने कुछ राज उगले। अब आतंकी कनेक्शन की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शमीम एटीएस को पूछताछ में सटीक जानकारी नहीं दे रहा है। वह पिस्टल कहां से और किससे लाया था, यह भी पुख्ता नहीं हो पा रहा। यही वजह है कि रात में शमीम की निशानदेही पर मुजफ्फरनगर में दबिश दी गई, लेकिन कुछ नहीं मिल पाया। गुरुवार को फिर सुबह जनपद में ही कई स्थानों पर दबिश दी गई, जिसमें भी सफलता नहीं मिली। दोपहर बाद एटीएस शमीम को लेकर कहीं दबिश देने गई थी।
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जिले से अभी और भी हो सकती हैं गिरफ्तारी
जिस तरह से एटीएस शमीम सलमानी को लेकर जगह-जगह दबिश दे रही है। इससे जाहिर होता है कि जिले या जिले से बाहर कहीं से और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं। हालांकि अभी तक एटीएस शमीम सलमानी से आगे नहीं बढ़ पाई है। एटीएस शमीम को लेकर निकल गई थी। जिससे चर्चा उड़ी कि शमीम को लखनऊ ले जाया गया है। वहीं पर मामले का खुलासा होगा लेकिन, कोतवाली देहात पुलिस ने साफ किया कि अभी टीम का सामान यहीं रखा हुआ है। जहां भी टीम गई है, वहां से लौटकर जरूर आएगी। इस पूरे मामले में पुलिस को दूर रखा जा रहा है।
एटीएस ने कोतवाली देहात थाने के डहरी गांव से पिता-पुत्र को हिरासत में ले रखा है। जिनकी निशानदेही पर कहीं और भी दबिश देने की सूचनाएं हैं। हालांकि दोनों टीमों ने इस संबंध में जनपद पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है
- डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी