बिजनौर में शिकायत का समय पर निस्तारण न करना सीएमओ व जिला समाज कल्याण अधिकारी को महंगा पड़ गया। डीएम बी चंद्रकला ने सीएमओ, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित 12 अधिकारियों का अप्रैल का वेतन रोक दिया है। साथ ही स्पष्ट आदेश किए हैं कि सभी शिकायतों का निस्तारण होने के बाद ही वेतन जारी किया जाए।
जन समस्या व अन्य शिकायतों को समय से निस्तारण कराना शासन की प्राथमिकता में है।
इस कारण ही अधिकारियों को प्रात : दस बजे से दोपहर 12 बजे तक आफिस में बैठ कर जन शिकायतें सुनने के निर्देश हैं। साथ ही आम आदमी आईजीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन अथवा तहसील दिवस आदि में भी शिकायत कर सकते हैं। शिकायतों के संबंधी समीक्षा के दौरान डीएम को जिला समाज कल्याण विभाग की 108 व स्वास्थ्य विभाग की 86 शिकायतें काफी लंबे समय से लंबित पड़ी मिली। ये सभी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज है। डीएम के द्वारा बार-बार निर्देश देने के बाद भी उक्त शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ। डीएम ने सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल व जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित 12 अधिकारियों का अप्रैल का वेतन रोक दिया है।
इन अधिकारियों की शिकायत हैं शेष
जिला समाज कल्याण अधिकारी 108, सीएमओ 86, लीड बैंक मैनेजर पीएनबी 51, परियोजना निदेशक डीआरडीए 49, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-दो 46, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-एक 44, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड बिजनौर 24, खंड विकास अधिकारी जलीलपुर 23, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल बिजनौर 22, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-चार 13, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला चिकित्सालय बिजनौर 13, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड बिजनौर की 13 शिकायते लंबित है। डीएम ने सभी अधिकारियों का अप्रैल का वेतन रोक दिया है।