मंगलवार रात टिन्नो अपने घर के आंगन में सो रही थी। सुबह करीब चार बजे उसने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। परिजनों ने पहले गांव के ही चिकित्सक से उसका इलाज कराया, लेकिन बालिका की हालत में सुधार नहीं हुआ। कई घंटे बाद, जब उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी, तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नगीना ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने तक चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सकों को बालिका की नाक पर सांप के काटने का निशान दिखा और उसके शरीर का रंग नीला पड़ रहा था। इससे स्पष्ट हुआ कि बालिका को सांप ने काटा था। मौत की पुष्टि होने के बावजूद, परिजन उसे गंज स्थित एक तांत्रिक के पास ले गए, लेकिन वहां भी कोई लाभ नहीं हुआ।
बरसात और सांपों का खतरा
बरसात शुरू होते ही सांप आबादी वाले इलाकों में अधिक नजर आने लगे हैं। अपने बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप सुरक्षित और सूखे स्थानों की तलाश में घरों में घुस रहे हैं। वन विभाग का त्वरित अनुक्रिया दल ऐसे सांपों को पकड़कर सुरक्षित वनों में छोड़ रहा है। हाल ही में, नई कालोनी, केंद्री कालोनी और अन्य क्षेत्रों में धामन, कॉमन करैत, कॉमन कुकरी और फॉरेस्टन कैट जैसी प्रजाति के सांपों को पकड़ा गया है। वनक्षेत्राधिकारी ने लोगों से अपील की है कि सांपों को मारें नहीं, बल्कि उनसे दूरी बनाए रखें। साथ ही, घरों और आसपास रोशनी रखने की सलाह दी है, ताकि सांपों के प्रवेश को रोका जा सके।
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