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UP: अखिलेश यादव ने वृक्षारोपण को बताया भ्रष्टारोपण, सोशल मीडिया पर केपी मलिक ने पूर्व सीएम को दिया ये जवाब

Tue, 07 Jul 2026 08:34 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Baghpat News: उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के पोस्ट पर वन एवं पर्यावरण मंत्री केपी मलिक ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पलटवार किया। उन्होंने सपा सरकार में वृक्ष कटान और अवैध खनन होने की बात कह दी।
 
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अखिलेश यादव और केपी मलिक के ट्वीट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सपा अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव और वन एवं पर्यावरण मंत्री केपी मलिक मंगलवार को सोशल मीडिया पर भिड़ गए। अखिलेश यादव ने वृक्षारोपण में भ्रष्टाचार करने की बात कहते हुए तंज कसा तो केपी मलिक ने उनकी सरकार में पेड़ कटान व अवैध खनन होने के आरोप लगाए। दोनों की पोस्ट पर समर्थक भी आपस में टकरा गए। 
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पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मंगलवार को फेसबुक पर लिखा कि नए पेड़ लगाने से पहले सुनो उनकी कहानी, जिन पेड़ों को लगाकर कभी भी न दिया पानी। इसके आगे लिखा गया कि भाजपा के लिए वृक्षारोपण अभियान ही भ्रष्टारोपण का कार्यक्रम है। ये 35 करोड़ पेड़ लगाने का नहीं, बल्कि प्रत्येक पेड़ से कम से कम दस रुपये मतलब कुल मिलाकर 350 करोड़ रुपये कमाने की गुप्त भाजपाई योजना है। इसके आगे उन्होंने लिखा कि जिन्होंने न छोड़ा प्रभु का दरबार, वो क्या छोड़ेंगे बगीचा और बाग।
 

इसके बाद वन एवं पर्यावरण मंत्री केपी मलिक भी मैदान में उतर गए। केपी मलिक ने जवाब दिया कि वृक्षारोपण पर अंगुली उठाने से पहले अपनी सरकार का पर्यावरण रिकॉर्ड देख लीजिए। वर्ष 2015 में आपकी सरकार में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को साइकिल ट्रैक के लिए अवैध वृक्ष कटान पर एनजीटी ने दंडित किया था। वर्ष 2013 में गोरखपुर वन मंडल में 290 पेड़ों के अवैध कटान पर खुद दो वरिष्ठ वन अधिकारी निलंबित करने पड़े।
 
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इसके अलावा केपी मलिक ने सपा सरकार में अवैध खनन कराए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने अखिलेश पर तंज कसते हुए लिखा कि आपके खनन मंत्री रहते हुए सात जिलों में अवैध रेत खनन से नदियों को नुकसान पहुंचा। जिसकी सीबीआई जांच आज भी लंबित है और आप खुद गवाह के रूप में पेश तक नहीं हुए। इसके अलावा गोमती रिवर फ्रंट पर 1,437 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद नदी की सफाई का मूल कार्य अधूरा रह गया। सुझाव है कि आप पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें, फिर दूसरों से सवाल पूछें।

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