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Bijnor: नगीना विधायक मनोज पारस को मिली जमानत, दो दिन जेल में रहे, जानें याचिका में क्या दी दलील

Thu, 11 Sep 2025 07:39 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े छतर सिंह ने मनोज पारस समेत अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसकी मामले में कोर्ट ने गैर जमानती वारंट होने पर मनोज को नौ सितंबर को जेल भेज दिया था।
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मनोज पारस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतर सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में नगीना से सपा विधायक मनोज पारस को अदालत ने जमानत दे दी। नगीना विधायक नौ सितंबर से जेल में बंद हैं। उन्होंने जमानत याचिका में बीमारी का हवाला दिया। अपर सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने प्रस्तुत किए किए गए जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। 
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शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव रसीदपुर गढ़ी के रहने वाले छतर सिंह ने कोर्ट में दायर वाद में कहा था कि वह 29 सितंबर 2020 की शाम अपनी रिश्तेदारी गंगौड़ा जट में स्कूटी से जा रहे थे। रेलवे फाटक के पास पहुंचते ही पीछे से एक कार आई और सामने आकर स्कूटी को रोक लिया।
 

गाड़ी से उतरे पूर्व मंत्री मूलचंद, उनके बेटे अमित निवासी धामपुर, कपिल गुर्जर, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष झालू रशीद, रफी सैफी और मनोज पारस ने गाली गलौज की। चाकू से हमला कर जान से मारने प्रयास किया गया। इस मामले में विधायक मनोज पारस के गैर जमानती वारंटी जारी हो चुके थे। मंगलवार को मनोज पारस कोर्ट में पेश हुए तो अदालत ने जमानत अर्जी नामंजूर करते हुए जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। 
 
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बता दें कि उक्त मुकदमा के वादी छतर सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े थे। उक्त चुनाव में छतर सिंह ने अपने पक्ष में जिला पंचायत के सदस्यों को उत्तराखंड के एक होटल में एकत्र कर रखा था। जहां से समाजवादी पार्टी के लोग जिला पंचायत सदस्यों को ले आए थे। मामले में उत्तराखंड में अपहरण का केस भी दर्ज हुआ था।

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