ऐसे करें दीमक से बचाव
जिला कृषि रक्षक अधिकारी मनोज कुमार रावत ने बताया कि दीमक की रोकथाम के लिए क्लोरोपायरिफाॅस 20 प्रतिशत, ईसी की एक लीटर मात्रा प्रति एकड़ की दर से बालू रेत में मिलाकर सिंचाई के समय बिखेर दें।
अंकुर भेदक (शूट बोरर) की रोकथाम के लिए क्लोरोपायरिफाॅस 50 साईपरमेथ्रिन 5 ईसी की 500 एमएल मात्रा प्रति एकड़ की दर से 150 लीटर पानी में घोलकर स्प्रै करें।अगर कीट की तीव्रता अधिक हो तो इसमें कारटाॅपहाइड्रोक्लोराइड़ 50ः डब्ल्यूपी की 50 से 100 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ की दर से मिलाकर स्प्रै करें।
किसान वाट्सएप के माध्यम से पाए निदान
फसल में कीट रोग की समस्या के निदान के लिए किसान मो. नंबर 9452247111 या 9452257111 पर एसएमएस, वाट्सएप पर रोग ग्रस्त पौधे का फोटो और अपना नाम, ग्राम का नाम, विकास खण्ड, जिले का नाम भेज दें। किसान को 48 घंटे में समाधान मिल जाएगा। -मनोज रावत, जिला कृषि रक्षा अधिकारी।
बीज शोधन कर करें धान नर्सरी की बुवाई
धान इस समय धान की नर्सरी बुवाई का समय चल रहा है। किसान बीज शोधन कर ही नर्सरी की बुवाई करें। इसके लिए कार्बन्डाजिम 50ः डब्ल्यूपी 2 ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम बीज या ट्राइकोडर्मा की 5 से 10 ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम बीज की दर प्रयोग करें। -जसवीर तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी।